हरियाणा

दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर 2031 तक शुरू करने का लक्ष्य, छत्तीसगढ़ के 4 शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें

दिल्ली से करनाल का सफर होगा आसान, 90 मिनट में पहुंचने की योजना; चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण में चालक रहित ट्रेनें भी शुरू

नई दिल्ली: देश के शहरी परिवहन को बेहतर बनाने और प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट में दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर, छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती और चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण से जुड़ी प्रमुख जानकारियां सामने आई हैं। दिल्ली से करनाल तक की यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए 136.30 किलोमीटर लंबे नमो भारत कॉरिडोर पर वर्ष 2031 तक सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

दिल्ली से करनाल तक लगभग 90 मिनट में पहुंचने की योजना

दिल्ली, पानीपत और करनाल के बीच क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए नमो भारत रेल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना की लंबाई 136.30 किलोमीटर है। योजना के अनुसार, वर्ष 2031 तक इस मार्ग पर रेल सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।

परियोजना शुरू होने के बाद दिल्ली से करनाल तक का सफर लगभग 90 मिनट में पूरा करने की योजना है। इस कॉरिडोर पर प्रतिदिन 242 फेरे संचालित करने का प्रस्ताव भी रिपोर्ट में बताया गया है। इससे दिल्ली और हरियाणा के बीच रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, यात्रियों को वास्तविक सुविधा परियोजना के पूरा होने, सेवाएं शुरू होने और निर्धारित परिचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगी।

छत्तीसगढ़ के चार शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें

शहरी परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरी क्षेत्रों में 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए समझौते किए गए हैं। इनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा शामिल हैं।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इन बसों से शहरों में यात्रियों को आवागमन के लिए अतिरिक्त विकल्प भी मिलेंगे।

चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण में चालक रहित ट्रेनें

चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के तहत पूनामल्ली से वडापलानी तक 15 किलोमीटर लंबे मार्ग का उद्घाटन किया जा चुका है। इस मार्ग पर चालक रहित रेलगाड़ियों के संचालन की सुविधा होगी।

इस परियोजना में 3.7 किलोमीटर लंबा दोहरी सतह वाला ढांचा भी शामिल है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और यात्रियों के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

HUDCO ने घोषित किया 908.36 करोड़ रुपये का लाभांश

आवास एवं नगर विकास निगम (HUDCO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 908.36 करोड़ रुपये के लाभांश की घोषणा की है। रिपोर्ट के अनुसार, यह निगम का अब तक का सबसे अधिक लाभांश है।

HUDCO के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को लाभांश का चेक सौंपा। यह जानकारी मंत्रालय की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट में शामिल की गई है।

दिल्ली में गीले कचरे से बनाई जाएगी खाद

शहरी स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन परिसर में गीले कचरे से खाद तैयार करने की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत रसोई से निकलने वाले जैविक कचरे का उपयोग खाद बनाने में किया जाएगा। तैयार खाद को हरित क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

इस पहल का उद्देश्य गीले कचरे का बेहतर उपयोग करना और कचरे के निपटान की व्यवस्था को अधिक टिकाऊ बनाना है।

धूल प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली में 12 विशेष वाहन

दिल्ली में धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने 12 विशेष वाहन तैनात किए हैं। ये वाहन पानी के छिड़काव करने वाली मशीनों और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपकरणों से लैस हैं।

सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए इन वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पहल से हवा में उड़ने वाली धूल को कम करने और शहरी वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पटना में कचरा छंटाई केंद्रों से महिलाओं को रोजगार का अवसर

बिहार की राजधानी पटना में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कचरा छंटाई केंद्रों और महिलाओं के लिए विशेष शौचालयों से संबंधित पहल की गई है। इसका उद्देश्य स्वच्छता सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ महिलाओं की भागीदारी और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

मंत्रालय ने कचरा प्रबंधन और टिकाऊ शहरी विकास से जुड़ी 18 परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया है।

आधुनिक शहरों के विकास पर केंद्र का जोर

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की इन पहलों में क्षेत्रीय परिवहन, इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो विस्तार, स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण जैसे विषय शामिल हैं। दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर के लिए 2031 का लक्ष्य और छत्तीसगढ़ के चार शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसों की योजना शहरी परिवहन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ उनके समयबद्ध क्रियान्वयन और संचालन पर निर

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