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नवरात्र पर गांव पाढ़ा के माता वैष्णो देवी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, अखंड ज्योत बनी आस्था का केंद्र

महाभारत काल से जुड़ी मान्यता वाले मंदिर में मां के नौ स्वरूपों के दर्शन के लिए पहुंच रहे भक्त। पूरे महीने जलती है अखंड ज्योत, इसके बाद आयोजित होता है

जलमाना। नवरात्र के पावन अवसर पर गांव पाढ़ा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल बना हुआ है। मंदिर में मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आसपास के क्षेत्रों के साथ दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर में प्रज्वलित अखंड ज्योत भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। श्रद्धालु मां के नौ स्वरूपों के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

नवरात्र के दौरान मंदिर में सुबह और शाम विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। दीप प्रज्वलन, माता की भेंटों और जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना हुआ है। कई श्रद्धालु उपवास रखकर मां भगवती की आराधना कर रहे हैं।

महाभारत काल से जुड़ी है मंदिर की मान्यता

गांव पाढ़ा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। यहां हर महीने आसपास के जिलों से श्रद्धालु माथा टेकने और मन्नत का धागा बांधने पहुंचते हैं।

भक्त मां के दरबार में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद मांगते हैं। धार्मिक विश्वास के अनुसार, मां वैष्णो देवी अपने भक्तों को शक्ति, साहस और धैर्य प्रदान करती हैं। इसी आस्था के चलते मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।

पूरे महीने प्रज्वलित रहती है अखंड ज्योत

मंदिर की प्रमुख विशेषताओं में अखंड ज्योत का विशेष स्थान है। मान्यता और परंपरा के अनुसार, मंदिर में पूरे महीने ज्योत प्रज्वलित रहती है। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया जाता है।

नवरात्र के दौरान अखंड ज्योत के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु मां के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और माता के जयकारों के बीच भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

शक्ति, संयम और सदाचार का संदेश देते हैं नवरात्र

नवरात्र का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना के साथ शक्ति, करुणा, संयम और समर्पण जैसे गुणों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। सनातन परंपरा में इस पर्व को आध्यात्मिक साधना, आत्मचिंतन और सदाचार से जोड़कर देखा जाता है।

मंदिर के पुजारी राकेश पंडित के अनुसार, मां की आराधना श्रद्धालुओं को कठिन परिस्थितियों में धैर्य रखने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उनके मुताबिक, नवरात्र के दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना और अखंड ज्योत प्रज्वलित करना भक्तों की आस्था को और मजबूत करता है।

श्रद्धालु नीलम रानी ने कहा कि नवरात्र केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संयम, अच्छे संस्कारों, सदाचार और नारी शक्ति के सम्मान का संदेश भी देता है।

नवरात्र के अवसर पर माता वैष्णो देवी मंदिर, पाढ़ा में उमड़ रही श्रद्धा और भक्ति की यह धारा क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं को दर्शाती है। अखंड ज्योत के दर्शन, माता के जयकारे और सामूहिक आराधना के बीच मंदिर में उत्सव का माहौल बना हुआ है।

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