नाबालिग के यौन शोषण मामले में शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

नई दिल्ली। नाबालिग शूटर के यौन उत्पीड़न में मुकदमे का सामना कर रहे राष्ट्रीय शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर लोग लग गयी है।
सुप्रीम कोर्ट ने कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के आरोपों में पॉक्सो और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में दर्ज FIR में गिरफ्तारी के खतरे का सामना कर रहे अंकुश भारद्वाज को फौरी राहत देते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अंकुश भारद्वाज 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के समक्ष पेश होंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। जांच अधिकारी उनसे कानून के मुताबिक पूछताछ कर सकते हैं।
ये आदेश न्यायमूर्ति जेबी पार्डीवाला और विजय बिश्नोई की पीठ ने अंकुश भारद्वाज के वकीलों गीता लूथरा, अजय पाल और हरियाणा सरकार के एडीशनल एडवोकेट जनरल आलोक सांगवान की दलीलें सुनने के बाद दिये।
अंकुश भारद्वाज की याचिका पर नोटिस जारी
कोर्ट ने अंकुश भारद्वाज की अग्रिम जमानत याचिका पर नोटिस भी जारी किया है। इससे पहले अंकुश के वकीलों ने अंतरिम राहत की गुहार लगाते हुए कहा कि वो जांच में पूरी तरह सहयोग करने को तैयार हैं। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद अंकुश भारद्वाज को राहत देते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।