जनता के मुद्दों की जगह अपनी सरकार बचाने में जुटे CM भगवंत मान- मजीठिया , राष्ट्रपति से मुलाकात पर CM
राष्ट्रपति के समक्ष SYL ,नशा , कानून - व्यवस्था और सिख बंदियों की रिहाई के मुद्दे नहीं उठाए गए
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की राष्ट्रपति से हुई मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के समक्ष पंजाब से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाने के बजाय राजनीतिक परिस्थितियों और अपनी सरकार की स्थिरता को अधिक प्राथमिकता दी।
मजीठिया ने कहा कि प्रदेश के लोगों और विपक्षी दलों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री राष्ट्रपति के साथ बैठक में एसवाईएल नहर विवाद, जेलों में बंद सिख बंदियों की रिहाई, नशे की समस्या, गैंगस्टर गतिविधियां, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और बढ़ते कर्ज जैसे अहम विषयों को प्रमुखता से रखेंगे। उनका आरोप है कि ऐसा नहीं हुआ।
‘पंजाब से ज्यादा सरकार की चिंता’
मजीठिया ने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री के सार्वजनिक बयान से यह स्पष्ट हुआ कि बैठक में पंजाब के मूल मुद्दों पर अपेक्षित चर्चा नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री का ध्यान राज्य की समस्याओं से अधिक अपनी सरकार को लेकर बनी राजनीतिक परिस्थितियों पर केंद्रित रहा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के अधिकांश समय में पंजाब के मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति से मिलने की पहल नहीं की, लेकिन मौजूदा राजनीतिक हालात में हुई यह मुलाकात कई सवाल खड़े करती है।
विशेष सत्र पर भी साधा निशाना
अकाली दल नेता ने पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सत्र जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान के बजाय राजनीतिक संदेश देने का प्रयास था। मजीठिया ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा में भी राज्य के अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी को प्राथमिकता दी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं। विपक्ष जहां सरकार पर राज्य के प्रमुख मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि वह पंजाब के विकास और जनहित के मुद्दों पर प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।





