पंजाब

परविंदर झोटा मामला: मनप्रीत कौर ने प्रशासन पर लगाए सबूत मिटाने के आरोप, नशा तस्करों के बहिष्कार की अपील

पोस्टमार्टम को लेकर संगत की राय के बाद कमेटी में होगा अंतिम फैसला; मनप्रीत कौर ने नशे के खिलाफ सामाजिक एकजुटता की जरूरत पर दिया जोर।

मानसा (पंजाब): परविंदर झोटा मामले में मनप्रीत कौर ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली(परविंदर झोटा मामला) पर सवाल उठाते हुए महत्वपूर्ण सबूत नष्ट किए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार की ओर से दुकान गिराने की मांग नहीं किए जाने के बावजूद उसे ढहा दिया गया। उनके मुताबिक, इस कार्रवाई से मामले से जुड़े अहम सबूतों के सुरक्षित रहने को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पोस्टमार्टम पर कमेटी लेगी अंतिम फैसला

मनप्रीत कौर ने कहा कि मामले में समय बीतने के साथ सबूतों के नष्ट होने की आशंका बढ़ रही है। उन्होंने संगत के सामने यह सवाल भी उठाया कि शव को मॉर्चुरी में रखे करीब एक सप्ताह हो चुका है, ऐसे में सबूतों के संरक्षण के लिए पोस्टमार्टम कराया जाना चाहिए या नहीं।

इस मुद्दे पर मौजूद संगत ने पोस्टमार्टम कराने के पक्ष में सहमति जताई। हालांकि, मनप्रीत कौर ने स्पष्ट किया कि संगत की राय को संबंधित कमेटी के समक्ष रखा जाएगा और पोस्टमार्टम को लेकर अंतिम निर्णय कमेटी से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।

मामले में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और उससे जुड़े अगले कदमों पर अब कमेटी के फैसले का इंतजार रहेगा।

नशा तस्करी के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार की अपील

मनप्रीत कौर ने अपने संबोधन में नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने गांवों और मोहल्लों के लोगों से अपील की कि नशा बेचने वालों के खिलाफ समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कई गांवों और मोहल्लों में कुछ ही परिवार नशे के कारोबार में शामिल होते हैं, जबकि बड़ी संख्या में परिवार इससे प्रभावित होते हैं। इसके बावजूद जब किसी परिवार का बेटा नशे की गिरफ्त में आ जाता है, तो कई बार आसपास के लोग चुप रहते हैं।

मनप्रीत कौर ने नशा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार की मांग करते हुए कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उनके अनुसार, परिवारों और स्थानीय लोगों को मिलकर इस समस्या के खिलाफ कदम उठाने चाहिए।

नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास पर जोर

मनप्रीत कौर के बयान में परविंदर झोटा मामले की जांच, सबूतों के संरक्षण और नशे के खिलाफ सामाजिक कार्रवाई जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। जहां पोस्टमार्टम को लेकर अंतिम निर्णय कमेटी के स्तर पर होना है, वहीं नशे की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने स्थानीय समुदायों से एकजुट होने की अपील की।

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