फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों में औचक निरीक्षण, कक्षाओं से गायब मिले शिक्षक; प्रधानाचार्यों को तीन दिन में सुधार के निर्देश
जाजरू और साहूपुरा के सरकारी विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल और शिक्षण व्यवस्था में मिलीं खामियां; शिक्षा विभाग ने दोबारा निरीक्षण की दी चेतावनी
फरीदाबाद। शिक्षा विभाग के औचक निरीक्षण में फरीदाबाद के दो सरकारी स्कूलों में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लो ने निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित प्रधानाचार्यों को तीन दिन के भीतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग की टीम ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय, जाजरू और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, साहूपुरा का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और सुधार नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
जाजरू स्कूल में साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर सवाल
निरीक्षण के दौरान राजकीय माध्यमिक विद्यालय, जाजरू में स्कूल परिसर और शौचालयों में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा पेयजल और वर्षा जल निकासी की व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं।
अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन को परिसर की स्वच्छता, शौचालयों की नियमित सफाई और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साहूपुरा स्कूल में कक्षाओं से बाहर मिले विद्यार्थी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, साहूपुरा में निरीक्षण के दौरान कई कक्षाओं में शिक्षक मौजूद नहीं थे, जबकि कुछ विद्यार्थी परिसर में घूमते और खेलते दिखाई दिए।
जानकारी के अनुसार, कई शिक्षकों की ड्यूटी अन्य सरकारी कार्यों में लगी हुई थी। इस पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यदि शिक्षकों की संख्या कम है तो विद्यालय प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
तीन दिन में सुधार के निर्देश
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लो ने बताया कि दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को तीन दिन के भीतर साफ-सफाई, शौचालयों की मरम्मत, नियमित कक्षाओं का संचालन और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए विभाग लगातार निरीक्षण अभियान चला रहा है। विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
साहूपुरा स्कूल में कक्षाओं से बाहर मिले विद्यार्थी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, साहूपुरा में निरीक्षण के दौरान कई कक्षाओं में शिक्षक मौजूद नहीं थे, जबकि कुछ विद्यार्थी परिसर में घूमते और खेलते दिखाई दिए।
जानकारी के अनुसार, कई शिक्षकों की ड्यूटी अन्य सरकारी कार्यों में लगी हुई थी। इस पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यदि शिक्षकों की संख्या कम है तो विद्यालय प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
तीन दिन में सुधार के निर्देश
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लो ने बताया कि दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को तीन दिन के भीतर साफ-सफाई, शौचालयों की मरम्मत, नियमित कक्षाओं का संचालन और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए विभाग लगातार निरीक्षण अभियान चला रहा है। विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।





