हरियाणा में Home Stay के लिए अब नहीं चाहिए डोमिसाइल, दूसरे राज्यों के लोग भी चला सकेंगे होम स्टे
हरियाणा सरकार ने आसान की पंजीकरण प्रक्रिया; ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, होम स्टे संचालकों को ब्याज सब्सिडी समेत कई सुविधाएं
चंडीगढ़: हरियाणा में होम स्टे कारोबार शुरू (हरियाणा होम स्टे नीति)करने की इच्छा रखने वालों के लिए सरकार ने नियमों में अहम बदलाव किया है। अब प्रदेश में रहने वाले दूसरे राज्यों के लोगों को हरियाणा डोमिसाइल प्रमाणपत्र के अभाव में होम स्टे पंजीकरण से वंचित नहीं किया जाएगा। सरकार ने होम स्टे के पंजीकरण और संचालन के लिए डोमिसाइल की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल की ओर से अधिसूचित संशोधित नीति में यह बदलाव किया गया है। सरकार का उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ हरियाणा में ग्रामीण, स्थानीय और अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना है।
क्यों बदला गया Home Stay का नियम?
नई व्यवस्था के तहत होम स्टे संचालित करने के लिए आवेदक को हरियाणा का डोमिसाइल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना जरूरी नहीं होगा। यह बदलाव केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय की ओर से अनुपालन संबंधी बाधाओं और अनावश्यक नियमन को कम करने के लिए की गई सिफारिशों के अनुरूप किया गया है।
इससे पहले 11 जून को जारी हरियाणा होम स्टे अमेंडमेंट स्कीम-2024 में पंजीकरण के लिए हरियाणा डोमिसाइल को अनिवार्य किया गया था। अब इस शर्त को हटा दिया गया है।
स्थानीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
हरियाणा की होम स्टे योजना का मकसद पर्यटकों को स्थानीय परिवेश में ठहरने का विकल्प देना है। इसके साथ ही घर के मालिकों को अपनी अतिरिक्त जगह से आय अर्जित करने का अवसर मिलता है।
योजना के तहत गृह स्वामी अपने घर के अतिरिक्त हिस्से को निर्धारित दरों पर पर्यटकों को ठहरने और भोजन समेत अन्य सुविधाओं के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। हालांकि, होम स्टे संचालक का उसी आवास में रहना जरूरी होगा।
इस व्यवस्था से पर्यटकों को स्थानीय जीवनशैली और ग्रामीण परिवेश को करीब से समझने का अवसर भी मिलेगा।
पर्यटकों को दिखाई जाएंगी कृषि गतिविधियां
होम स्टे योजना को केवल ठहरने की सुविधा तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके तहत पर्यटकों को स्थानीय कृषि और ग्रामीण गतिविधियों से भी परिचित कराया जाएगा।
इन गतिविधियों में फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन और डेयरी प्रमुख रूप से शामिल हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के साथ स्थानीय लोगों की आय के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
Home Stay संचालकों को मिलेंगे ये फायदे
हरियाणा पर्यटन विभाग पात्र होम स्टे इकाइयों को विभिन्न प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगा। इनमें सबसे अहम सुविधा कमरों के नवीनीकरण के लिए मिलने वाले ऋण से जुड़ी है।
- कमरों के नवीनीकरण के लिए 15 लाख रुपये तक का ऋण।
- ऋण पर अधिकतम तीन वर्ष तक 100 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी।
- बिजली और पानी की सुविधा घरेलू दरों पर।
- स्थानीय करों में छूट।
दूसरे राज्यों के लोगों के लिए भी खुला रास्ता
डोमिसाइल की शर्त हटने से हरियाणा में लंबे समय से रह रहे ऐसे लोगों के लिए होम स्टे शुरू करने का रास्ता आसान होगा, जिनके पास हरियाणा का डोमिसाइल प्रमाणपत्र नहीं है। सरकार को उम्मीद है कि नियमों में इस बदलाव से होम स्टे इकाइयों की संख्या बढ़ेगी और प्रदेश के ग्रामीण एवं स्थानीय पर्यटन को नई गति मिलेगी।





