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भगवंत मान का बिट्टू पर बड़ा हमला, बढ़ी सियासी तल्खी

धूरी और संगरूर की राजनीति के बीच पूर्व मित्रों का टकराव चर्चा का विषय बना।

चंडीगढ़,पंजाब की राजनीति में मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री मान ने बिट्टू पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि दोनों नेताओं को कभी पंजाब की राजनीति में करीबी मित्रों के रूप में देखा जाता था। वर्षों तक निजी और राजनीतिक स्तर पर अच्छे संबंध रखने वाले मान और बिट्टू अब अलग-अलग राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हुए आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, दोनों नेताओं के संबंधों में तनाव हाल के शहरी निकाय चुनावों के दौरान अधिक स्पष्ट दिखाई दिया। इस दौरान रवनीत बिट्टू ने धूरी और संगरूर क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में सक्रिय प्रचार किया। विशेष रूप से भाजपा नेता प्रोफेसर ओंकार सिंह के पक्ष में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया।

प्रोफेसर ओंकार सिंह कभी मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। बाद में राजनीतिक परिस्थितियों के बदलने के साथ उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने लगे।

विश्लेषकों का मानना है कि धूरी क्षेत्र, जो मुख्यमंत्री मान का विधानसभा क्षेत्र है, वहां भाजपा की बढ़ती सक्रियता और विपक्षी नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को और तीखा बना दिया है। इसी पृष्ठभूमि में दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती दिखाई दे रही है।

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच यह राजनीतिक टकराव आने वाले समय में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है। कभी दोस्ती के लिए पहचाने जाने वाले भगवंत मान और रवनीत बिट्टू अब राज्य की राजनीति में अलग-अलग राजनीतिक रणनीतियों के साथ अपने-अपने मोर्चे संभालते नजर आ रहे हैं।

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