धर्म - अध्यात्म

जब जब संसार पर हुआ अत्याचार प्रभु ने अवतार लेकर किया संघार

बिछवा,संसार में जब-जब अत्याचार बड़े हैं प्रभु ने विभिन्न रूपों में अवतार लेकर दुष्टों का संघार किया है साथ ही प्रभु की लीला को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है जो मोह माया से व्यक्त होता है वह इस आडंबर की दुनिया से काफी ऊपर तक पहुंच जाता है यह शब्द ग्राम कुंजलपुर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान आचार्य पंडित राजेश शास्त्री वृंदावन द्वारा कथा में व्यक्त किए गए।

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कथा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कृष्ण ने कंस का वध करने के बाद मथुरा को अत्याचार से मुक्त कराया साथ ही कंस के पापों का जब घड़ा भर गया तो कृष्ण को वध करना पड़ा कथा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस संसार में मनुष्य अपने कर्मों का फल उसे अवश्य भोगना पड़ता है वह चाहे कितना भी कोई जतन कर ले लेकिन कर्म का लिखा हुआ कोई मेट नहीं सकता। विधि का विधान बदल सकता है लेकिन कर्म का लेख कभी नहीं बदलेगा मनुष्य ने जैसा भी कम किया है उसका परिणाम उसे यहां मिलेगा।
आज संसार में लोग मायावी जाल में उलझ कर तरह-तरह के अपराध करते नजर आ रहे हैं लेकिन इस संसार में इस तरह के जो भी कृत करते हैं उन्हें इसका भोगना पड़ता है। कथा में उन्होंने कृष्ण और सुदामा का वर्णन करते हुए सुंदर लीला का वर्णन किया साथी सुंदर भजनों पर भक्तगण नृत्य करते हुए नजर आए साथ ही श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद भी लिया भागवत कथा में सर्वेश कुमार अनिल कुमार राजेंद्र सिंह सुनील कुमार मुकेश कुमार अरविंद कुमार अजय कुमार अनिल कुमार ओंकार आदि लोगों का विशेष सहयोग रहा फोटो परिचय भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु।

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