विकासनगर -: प्रदेश में सरकारी प्राइमरी स्कूलों की बदहाली और लगातार बंद हो रहे विद्यालयों का मुद्दा अब गरमा गया है। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता करते हुए शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पर हमला बोला और उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग की श्री नेगी ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में प्रदेश में 826 प्राइमरी स्कूलों पर ताले लग चुके हैं, जबकि सैकड़ों अन्य स्कूल बंदी के कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शिक्षा मंत्री की अदूरदर्शिता और लापरवाही का परिणाम है। “एक तरफ सरकार साक्षरता और शिक्षा के प्रसार की बात करती है, वहीं दूसरी तफ उसके अपने मंत्री की निकम्मेपन की वजह से गांव-गांव में स्कूल बंद हो रहे हैं।
नेगी ने कहा कि सरकारी स्कूलों के बंद होने से सबसे अधिक नुकसान गरीब अभिभावकों को हो रहा है। उनके बच्चे अब प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं, जहां फीस और अन्य खर्चों के बोझ तले वे दब रहे हैं। “गरीब माता-पिता अपना पेट काटकर और कर्ज लेकर अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। सरकार की यह लापरवाही गरीबों की पीठ पर वार कर रही है।” पत्रकार वार्ता में नेगी ने गंभीर सवाल उठाया कि आखिर किन कारणों से सरकारी स्कूलों से अभिभावक विमुख हो रहे हैं और स्कूल बंद हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “कहीं यह प्राइवेट स्कूलों को फायदा पहुंचाने की साजिश तो नहीं? शिक्षा मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए कि उन्होंने इस दिशा में कोई कार्यशाला आयोजित की या जनता से संवाद स्थापित किया?”
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जनसुनवाई में मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश विद्युत कनेक्शन, बिल सुधार, पेयजल एवं जलनिकासी से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता – नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा लखनऊ: 31 अगस्त, 2026 नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने आज अपने आवास पर जनसुनवाई कर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने विद्युत कनेक्शन, विद्युत बिल में सुधार, पेयजल, जलनिकासी सहित नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग से संबंधित विभिन्न समस्याओं को मंत्री श्री शर्मा के समक्ष रखा। मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायतों को सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान कर आमजन को राहत पहुंचाना है। विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतों पर मंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। विद्युत कनेक्शन, बिल सुधार तथा अन्य उपभोक्ता सेवाओं से जुड़ी शिकायतों में अनावश्यक विलंब न हो और पात्र लोगों को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सुगमता से मिले। पेयजल एवं जलनिकासी से संबंधित शिकायतों पर उन्होंने नगर निकायों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और जलभराव एवं जलनिकासी की समस्याओं का स्थायी समाधान करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने तथा जहां आवश्यक हो वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में जनकल्याण और सुशासन के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। आमजन को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शासन की योजनाओं और विभागीय सेवाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पूरी सुगमता से पहुंचे !
August 31, 2026
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के पास जितने भी विभाग हैं, उन सभी में वे जनता को न्याय दिलाने में विफल रहे हैं। उन्होंने सरकार और राजभवन से मांग की कि इस गैरजिम्मेदार मंत्री को तुरंत बर्खास्त कर बाहर का रास्ता दिखाया जाए। इस अवसर पर विजय राम शर्मा और दिलबाग सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।