Malaysia में फिरोजपुर के युवक की अचानक मौत, पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए परिवार ने सरकार से मांगी मदद
गुरुहरसहाय निवासी मिठन कुमार करीब साढ़े तीन साल पहले बेहतर भविष्य के लिए मलेशिया गए थे; आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से सहायता की अपील की
फिरोजपुर। बेहतर भविष्य और रोजगार की उम्मीद लेकर विदेश गए फिरोजपुर जिले के एक युवक की मलेशिया में अचानक मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना भारत पहुंचते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। अब परिजन उसके पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के लिए पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
मृतक की पहचान गुरुहरसहाय क्षेत्र के बस्ती कर्म सिंह वाली निवासी मिठन कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मिठन करीब साढ़े तीन वर्ष पहले मलेशिया गया था। वहां वह अपना कारोबार कर रहा था और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए मेहनत कर रहा था।
दोस्त के फोन से मिली मौत की सूचना
परिवार के अनुसार, मलेशिया में मौजूद मिठन के एक परिचित दीपक ने फोन कर उसकी अचानक मौत की जानकारी दी। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था मिठन
मिठन कुमार परिवार में दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा बताया जा रहा है। उसके पिता दारा सिंह का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद साबित हुई है।
परिजनों को उम्मीद थी कि विदेश में कारोबार कर रहा मिठन एक दिन सफलता के साथ घर लौटेगा, लेकिन अब परिवार उसकी अंतिम विदाई के लिए पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहा है।
गांव में भी पसरा मातम
मिठन की मौत की खबर मिलने के बाद बस्ती कर्म सिंह वाली में भी शोक का माहौल है। आसपास के लोग परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। हर किसी की नजर अब इस बात पर टिकी है कि युवक का पार्थिव शरीर जल्द भारत पहुंच सके।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने लगाई मदद की गुहार
परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं बताई जा रही है। ऐसे में परिजनों ने जिला प्रशासन के साथ-साथ पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से सहायता की अपील की है।
परिवार ने मांग की है कि मलेशिया से मिठन कुमार के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए जरूरी औपचारिकताओं को जल्द पूरा कराया जाए और उन्हें हरसंभव सरकारी मदद उपलब्ध कराई जाए।
गांव में अंतिम संस्कार करना चाहता है परिवार
परिजनों का कहना है कि वे मिठन का अंतिम संस्कार अपने गांव में परिवार और धार्मिक परंपराओं के अनुसार करना चाहते हैं। इसके लिए उनका सबसे बड़ा आग्रह यही है कि बेटे का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत पहुंचाया जाए।
परिवार अब सरकार और प्रशासन से सहायता की उम्मीद लगाए बैठा है, ताकि विदेश में रह गए अपने बेटे को अंतिम बार घर लाकर उसे सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी जा सके।




