शेयर बाजार गिरावट:पश्चिम एशिया तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक टूटा, रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर
व्यापार:United States और Iran के बीच शांति समझौते की कोशिशें विफल होने के बाद(शेयर बाजार गिरावट) वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया, जहां शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल देखने को मिला।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 845 अंक से ज्यादा टूटकर 76 हजार के करीब पहुंच गया, जबकि Nifty 50 में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, विमानन और वाहन क्षेत्र के शेयरों पर देखने को मिला। निवेशकों ने जोखिम वाले क्षेत्रों से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर पड़ेगा।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई और व्यापार घाटा बढ़ने की आशंका भी बढ़ जाती है।
रुपया भी हुआ कमजोर
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मजबूत अमेरिकी मुद्रा के कारण भारतीय रुपया भी दबाव में दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बड़ी गिरावट के साथ खुला।
विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रहीं तो रुपये पर दबाव बना रह सकता है।
निवेशकों में बढ़ी चिंता
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के हालात और अमेरिका-ईरान संबंधों पर बनी रहेगी। किसी भी बड़े राजनीतिक या सैन्य घटनाक्रम का असर सीधे वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
एशियाई बाजारों पर भी असर
एशिया के कई प्रमुख बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान और हांगकांग के बाजार गिरावट में रहे, जबकि कुछ अन्य एशियाई बाजार सीमित बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ती नजर आ रही है।



