मोबाइल ऐप के दुरुपयोग से E – रिक्शा चालक परेशान, साइबर जाँच की मांग तेज़
अलग-अलग हुई घटनाओ से तकनीकी सुरक्षा पर उठे सवाल डिफॉल्ट पासवर्ड और डिजिटल एक्सेस की जांच जरूरी
बठिंडा: पंजाब के बठिंडा शहर में ई-रिक्शा(मोबाइल ऐप) के अचानक बंद होने की दो घटनाओं ने चालकों और यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों मामलों में आशंका जताई जा रही है कि ई-रिक्शा का स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम मोबाइल ऐप के माध्यम से लॉक हो गया। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और मामले की तकनीकी जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, पहली घटना रेलवे रोड स्थित अस्पताल बाजार के पास हुई, जहां रेलवे स्टेशन से सवारी लेकर जा रहा एक ई-रिक्शा कुछ ही दूरी पर अचानक बंद हो गया। चालक ने वाहन को दोबारा चालू करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस दौरान यात्रियों को बीच रास्ते उतरकर दूसरा वाहन लेना पड़ा।
चालक के अनुसार, कुछ समय पहले हनुमान चौक के पास भी एक अन्य ई-रिक्शा इसी तरह अचानक बंद हो गया था। दोनों घटनाओं में चालकों को करीब दो घंटे तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना के दौरान मौके पर मौजूद एक सामाजिक संस्था के सदस्यों ने संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ई-रिक्शा को दोबारा चालू कराने में मदद की। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि कहीं स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम का दुरुपयोग तो नहीं किया जा रहा।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, कई आधुनिक ई-रिक्शा जीपीएस और स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम से लैस होते हैं। इन वाहनों में निर्माता कंपनी की आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी की स्थिति, लोकेशन और सुरक्षा संबंधी फीचर्स का उपयोग किया जा सकता है। कुछ मॉडलों में चोरी की स्थिति में वाहन को दूर से लॉक करने की सुविधा भी उपलब्ध होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी वाहन का डिजिटल सिस्टम सुरक्षित तरीके से कॉन्फ़िगर न किया गया हो, डिफॉल्ट पासवर्ड नहीं बदला गया हो या किसी अनधिकृत व्यक्ति को एक्सेस मिल जाए, तो ऐसी सुविधाओं का दुरुपयोग संभव है। हालांकि, किसी भी विशेष घटना में वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ई-रिक्शा मालिकों को सलाह दे रहे हैं कि वाहन खरीदने के बाद डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें, ओटीपी, यूजर आईडी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें तथा केवल निर्माता की आधिकारिक ऐप का ही उपयोग करें। यदि वाहन अचानक लॉक हो जाए, तो अधिकृत सर्विस सेंटर या डीलर से संपर्क करें और किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें।
स्थानीय लोगों और ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन और साइबर सेल से मामले की जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाने तथा यदि किसी तकनीकी खामी या दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।





