Punjab:पंजाब के गांव पंजावा की प्रतिभाशाली खिलाड़ी सिमरन कंबोज ( सिमरन कंबोज)अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने जा रही हैं। सिमरन का चयन 22 से 27 अप्रैल तक चीन के सान्या में होने वाले एशियन बीच गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला कबड्डी टीम में हुआ है, जहां वह रेडर के रूप में खेलेंगी।
रविवार शाम सिमरन अपनी टीम के साथ चीन के लिए रवाना हो गईं। खास बात यह है कि वह भारतीय टीम में पंजाब से एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इस प्रतियोगिता में जगह बनाई है।
सिमरन की सफलता की कहानी संघर्ष और मेहनत से भरी हुई है। खेल के दौरान उन्हें कोहनी की गंभीर चोट लगी थी, जिसके कारण सर्जरी करानी पड़ी। इस वजह से वह एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से चूक गई थीं। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत के दम पर शानदार वापसी करते हुए भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की।
साधारण परिवार से आने वाली सिमरन के पिता सुखपाल कंबोज एक किराना दुकानदार हैं, जबकि उनके दादा नंद लाल सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार रह चुके हैं। परिवार में खेलों का कोई खास बैकग्राउंड न होने के बावजूद सिमरन ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।
उनकी उपलब्धियों की बात करें तो सिमरन ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी खेलों में तीन स्वर्ण पदक और नेशनल खेलों में एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
सिमरन के चाचा गुरलाल कंबोज ने उनके चयन पर खुशी जताते हुए कहा कि यह पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण है। सभी को उम्मीद है कि सिमरन एशियन बीच गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर भारत के लिए पदक जीतकर लौटेंगी।





