पंजाब

मोहाली आईटी सिटी में एन्हांसमेंट चार्ज पर बैठक फिर स्थगित, 7 हजार प्लॉट होल्डर्स को अब अगली तारीख का इंतजार

ईडी की कार्रवाई के कारण गमाडा के कई अधिकारी बैठक में नहीं पहुंच सके; 7,845 रुपये प्रति वर्ग गज की एन्हांसमेंट राशि की गणना समेत कई सवाल अब भी लंबित

मोहाली। आईटी सिटी में एन्हांसमेंट चार्ज को लेकर प्लॉट होल्डर्स (मोहाली आईटी सिटी)की समस्याओं पर मंगलवार को प्रस्तावित बैठक एक बार फिर नहीं हो सकी। बैठक स्थगित होने से करीब 7 हजार अलॉटी और ट्रांसफरी से जुड़े इस मामले में फिलहाल कोई नया समाधान सामने नहीं आया। गमाडा के कई अधिकारियों के बैठक में उपस्थित नहीं हो पाने को इसके पीछे प्रमुख कारण बताया गया है। अब अगली बैठक की तारीख तय करने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी।

इलाके के पार्षद नसीब सिंह संधू के अनुसार, प्लॉट होल्डर्स लंबे समय से एन्हांसमेंट चार्ज की गणना और इसकी वसूली से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब मांग रहे हैं। उनका कहना है कि अगली बैठक में अधिकारियों की मौजूदगी में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा जरूरी है।

15 सितंबर की बैठक में भी नहीं मिला था संतोषजनक जवाब

इससे पहले 15 सितंबर को हुई जनसुनवाई में प्लॉट होल्डर्स ने गमाडा अधिकारियों से एन्हांसमेंट चार्ज के आधार और उसकी गणना को लेकर कई सवाल किए थे। सबसे प्रमुख सवाल 7,845 रुपये प्रति वर्ग गज की राशि तय करने के फार्मूले को लेकर था। उस बैठक में अधिकारियों से जमीन अधिग्रहण की लागत, बाद में अदालतों के आदेश से बढ़े मुआवजे, डेवलपमेंट खर्च और एन्हांसमेंट राशि की पूरी गणना का विवरण मांगा गया था।

प्लॉट मालिकों ने यह भी सवाल उठाया था कि आईटी सिटी में अलग-अलग समय पर अलग कीमतों पर प्लॉट आवंटित किए गए, इसके बावजूद एन्हांसमेंट के लिए समान दर किस आधार पर लागू की जा रही है।

2015 के फैसले के बाद ब्याज की मांग पर भी सवाल

प्लॉट होल्डर्स ने जमीन अधिग्रहण से जुड़े पुराने मामलों और बाद में बढ़े मुआवजे का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि वर्ष 2011 में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर विवाद शुरू हुआ था और वर्ष 2015 में अदालत का फैसला आया। ऐसे में वर्ष 2019 और 2020 में प्लॉट आवंटित किए जाने के समय एन्हांसमेंट की देनदारी स्पष्ट क्यों नहीं की गई, यह सवाल भी उठाया गया है।

इसके साथ ही वर्ष 2015 से 2020 की अवधि के लिए एन्हांसमेंट राशि पर ब्याज की मांग का आधार भी स्पष्ट करने की मांग की गई है। यह मुद्दा 15 सितंबर की जनसुनवाई में भी उठाया गया था।

करीब 7,000 अलॉटी और ट्रांसफरी प्रभावित

गमाडा की ओर से आईटी सिटी में एन्हांसमेंट के लिए 7,845 रुपये प्रति वर्ग गज की दर निर्धारित की गई है। गमाडा की 41वीं अथॉरिटी मीटिंग के रिकॉर्ड में भी आईटी सिटी स्कीम के वर्तमान अलॉटी और ट्रांसफरी से 7,845 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से अतिरिक्त राशि की वसूली का उल्लेख है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस निर्णय से करीब 7,000 अलॉटी और ट्रांसफरी प्रभावित हैं। इनमें करीब 200 औद्योगिक प्लॉट मालिकों पर वित्तीय प्रभाव अधिक बताया गया है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई नई प्रक्रिया

एन्हांसमेंट चार्ज का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है। 27 अगस्त 2026 के आदेश में अदालत ने संबंधित मांग नोटिस को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन न होने के आधार पर रद्द किया था। साथ ही गमाडा को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए नए सिरे से मांग उठाने की स्वतंत्रता दी गई थी। अदालत ने एन्हांसमेंट की मूल देनदारी के गुण-दोष पर अंतिम फैसला नहीं दिया था।

इसके बाद गमाडा ने अलॉटी और ट्रांसफरी के साथ बैठक कर एन्हांसमेंट की गणना और वसूली की प्रक्रिया समझाने की पहल की थी। 15 सितंबर की बैठक में सवालों के जवाब पूरे नहीं हो पाने के बाद 29 सितंबर को दोबारा सुनवाई तय की गई थी।

अब मंगलवार की बैठक भी नहीं हो पाने के बाद प्लॉट होल्डर्स को नई सार्वजनिक सूचना और अगली बैठक की तारीख का इंतजार है। उनकी मुख्य मांग एन्हांसमेंट राशि का आधार, पूरी गणना और ब्याज सहित देनदारी का स्पष्ट विवरण सामने रखने की है।

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