चंडीगढ़ में 248 वेंडरों के लिए सबसे बड़ा वेंडिंग जोन प्रस्तावित, अविकसित क्षेत्र में आजीविका पर उठे सवाल
नगर निगम ने 12 नए वेंडिंग जोन में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 को 248 वेंडरों के लिए चुना, लेकिन क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां और मूलभूत सुविधाएं न होने से योजना की व्यवहारिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चंडीगढ़: नगर निगम द्वारा शहर में प्रस्तावित 12 नए वेंडिंग जोन में सबसे बड़ा वेंडिंग जोन इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 (रायपुर कलां) में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस स्थान पर 248 पात्र वेंडरों को जगह आवंटित किए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि, क्षेत्र के अभी तक पूरी तरह विकसित न होने के कारण इस योजना की व्यवहारिकता और वेंडरों की आजीविका को लेकर चिंताएं सामने आने लगी हैं।
नगर निगम की टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की हालिया बैठक में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वेंडिंग साइटों के आवंटन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। पात्र वेंडरों के लिए साइट आवंटन का ड्रा 18 जुलाई को आयोजित किया जाना है।
विशेषज्ञों और वेंडर प्रतिनिधियों का कहना है कि किसी भी वेंडिंग जोन की सफलता वहां आने वाले ग्राहकों और आसपास की व्यावसायिक गतिविधियों पर निर्भर करती है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में अभी कई औद्योगिक प्लॉट खाली हैं और व्यावसायिक गतिविधियां सीमित हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में वेंडरों को यहां स्थानांतरित करने से उनकी आय प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन वेंडरों को पहले आवंटित की गई साइटें अभी भी खाली हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर वहीं समायोजित किया जाएगा। इसके साथ ही सभी नए वेंडिंग जोन में पेयजल, शौचालय, बिजली, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
नगर निगम ने प्रत्येक प्रस्तावित वेंडिंग जोन की उपयोगिता और व्यवहारिकता का आकलन करने के लिए एक संयुक्त समिति गठित करने का भी फैसला लिया है। यह समिति विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





