नौ साल बाद भ्रष्टाचार का केस खुलने पर पूर्व SDM की बड़ी मुश्किलें, दो लाख की ली थी रिश्वत
हाईकोर्ट ने अभियोजन मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज,15 जुलाई की विशेष अदालत में होगी सुनवाई
चंडीगढ़, 9 जुलाई। करीब नौ साल पुराने चर्चित रिश्वत मामले में पूर्व एसडीएम शिल्पी पात्र की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अभियोजन मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज किए जाने के बाद अब उनके खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में भ्रष्टाचार का मुकदमा आगे बढ़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित की गई है।
सीबीआई के अनुसार, वर्ष 2017 में तत्कालीन एसडीएम शिल्पी पात्र, उनके पति धीरज दत्त और कथित बिचौलिए जीएस बराड़ को एक कारोबारी से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जांच एजेंसी के अनुसार, पंचकूला निवासी एक कारोबारी ने शिकायत दी थी कि सेक्टर-26 ग्रेन मार्केट स्थित उसकी संपत्ति को सील किए जाने के बाद सील हटाने के बदले रिश्वत की मांग की गई।
सीबीआई का आरोप है कि शुरुआत में 5 लाख रुपये की मांग की गई थी, जो बाद में 2 लाख रुपये पर तय हुई। एजेंसी के अनुसार, पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेते समय ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद हरियाणा सरकार ने शिल्पी पात्र के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी थी। इस मंजूरी को शिल्पी पात्र ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लगभग नौ वर्षों तक लंबित रहने के बाद हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
इस फैसले के बाद अब सीबीआई की विशेष अदालत में तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हालिया सुनवाई के दौरान शिल्पी पात्र की ओर से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अदालत में व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी गई थी। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक ने इसका विरोध करते हुए कहा कि बार-बार ऐसी अर्जी देकर मामले में देरी की जा रही है।
अदालत ने केवल इस तारीख के लिए राहत देते हुए स्पष्ट किया कि भविष्य में बिना पर्याप्त कारण ऐसी छूट स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि मामला पहले ही लंबे समय से लंबित है।





