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Anup Soni Interview: ‘किस्मत के भरोसे नहीं, जुनून और मेहनत से बनाएं करियर’, हिसार में युवाओं को अभिनेता की खास सलाह

जागरण फिल्म फेस्टिवल में अभिनेता अनूप सोनी ने अभिनय के सफर, एनएसडी की ट्रेनिंग, क्राइम पेट्रोल और ओटीटी के अनुभव साझा किए

Hisar News: लोकप्रिय अभिनेता अनूप सोनी (Anup Soni)शनिवार को हिसार में आयोजित जागरण फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे। दिल्ली रोड स्थित सनसिटी मॉल में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं से करियर, अभिनय और सफलता के लिए जरूरी गुणों पर खुलकर बातचीत की। क्राइम पेट्रोल के जरिए घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए केवल किस्मत के भरोसे रहना पर्याप्त नहीं है। अपने लक्ष्य को पहचानकर उसके लिए जुनून और लगन के साथ मेहनत करना जरूरी है।

कार्यक्रम में उद्घोषिका डॉ. कीर्ति गोयल ने उनसे उनके अभिनय सफर और व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़े सवाल पूछे। अनूप सोनी ने अपने जवाबों में प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के महत्व पर जोर दिया।

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से शुरू हुआ अभिनय का सफर

अनूप सोनी ने बताया कि अभिनय के प्रति उनकी रुचि स्कूल की छुट्टियों के दौरान एक कार्यशाला में भाग लेने के बाद बढ़ी। इसी दौरान उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने वहां दाखिला लिया और तीन साल तक अभिनय का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

उनके अनुसार, एनएसडी में अलग-अलग रंगमंच शैलियों को समझने और विविध पृष्ठभूमि के लोगों के साथ काम करने का अवसर मिलता है। इस अनुभव से कलाकार की समझ विकसित होती है, हालांकि सीखने की प्रक्रिया प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी जारी रहती है।

क्या एनएसडी की ट्रेनिंग के बिना अच्छा अभिनेता बनना संभव नहीं?

इस सवाल पर अनूप सोनी ने स्पष्ट किया कि अच्छा अभिनेता बनने के लिए किसी विशेष संस्थान से प्रशिक्षण लेना अनिवार्य नहीं है। उनके मुताबिक, एनएसडी से पढ़ाई करने वाले कलाकारों के साथ-साथ बिना औपचारिक प्रशिक्षण के अभिनय की दुनिया में सफल होने वाले कलाकार भी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यक्ति अपने काम को कितना समझता है और उसके प्रति कितना गंभीर है। प्रशिक्षण कलाकार को दिशा दे सकता है, लेकिन उसकी प्रतिभा, अभ्यास और काम के प्रति समर्पण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

थिएटर और फिल्मों के अभिनय में क्या है अंतर?

अनूप सोनी ने थिएटर और कैमरे के सामने अभिनय करने के अनुभवों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि दोनों माध्यमों की अपनी अलग जरूरतें होती हैं, लेकिन अभिनय की बुनियादी समझ कलाकार को हर माध्यम में मदद करती है।

उनके अनुसार, थिएटर कलाकारों को अलग-अलग तरह के किरदार निभाने और अपनी स्थापित छवि से बाहर निकलकर प्रयोग करने का अवसर देता है। यही कारण है कि वह थिएटर को अपने लिए अभ्यास और निरंतर सीखने का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं।

दूसरों से तुलना नहीं, खुद को बेहतर बनाने पर दें ध्यान

आज के युवाओं के बीच बढ़ते प्रतिस्पर्धात्मक दबाव पर बात करते हुए अभिनेता ने कहा कि दूसरों से लगातार तुलना करना व्यक्ति की प्रगति में बाधा बन सकता है। विद्यार्थियों को भी केवल दूसरे के अंकों या उपलब्धियों पर ध्यान देने के बजाय अपनी क्षमता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई विशेष खूबी होती है। जरूरत उस प्रतिभा को पहचानने और उसे विकसित करने की है। यह सोच केवल अभिनय के क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि हर पेशे में सफलता पाने के लिए उपयोगी हो सकती है।

करियर चुनने से पहले पहचानें अपनी रुचि

अनूप सोनी ने युवाओं को सलाह दी कि करियर का फैसला करने से पहले उन्हें यह समझना चाहिए कि उनकी वास्तविक रुचि किस क्षेत्र में है। लक्ष्य स्पष्ट होने से उसकी तैयारी करना और सही दिशा में प्रयास करना आसान हो जाता है।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आज युवाओं के सामने करियर के कई विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन विकल्पों की अधिकता के बीच अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्टता जरूरी है। जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, उसके लिए गंभीरता से तैयारी करनी चाहिए।

अभिनेता ने संघर्ष को जरूरत से ज्यादा महिमामंडित करने से बचने की बात भी कही। उनके मुताबिक, सफलता के लिए मेहनत आवश्यक है, लेकिन संघर्ष को ही सफलता का एकमात्र प्रमाण नहीं मानना चाहिए। महत्वपूर्ण है कि व्यक्ति अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार और समझदारी से प्रयास करता रहे।

कलाकारों और दर्शकों के बीच संवाद का मंच है फिल्म फेस्टिवल

जागरण फिल्म फेस्टिवल के आयोजन पर अनूप सोनी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम कलाकारों और दर्शकों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर देते हैं। इससे कलाकारों को लोगों के बीच अपनी बात रखने और दर्शकों को फिल्म जगत के अनुभवों को करीब से समझने का मौका मिलता है।

हिसार में आयोजित इस संवाद के दौरान अभिनेता ने अपने अनुभवों के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया कि सफलता के लिए अपनी क्षमता को पहचानना, लक्ष्य तय करना और लगातार सीखते रहना जरूरी है।

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