मोहाली में EPF क्लेम में कथित फर्जीवाड़ा, मृत कर्मचारी को दस्तावेजों में बताया अविवाहित; माता-पिता पर केस दर्ज
विधवा की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई, EPF लाभ लेने के लिए गलत जानकारी देने का आरोप
मोहाली: पंजाब के मोहाली में एक दिवंगत नगर निगम कर्मचारी के ईपीएफ (EPF) और पेंशन लाभ के कथित फर्जी क्लेम के मामले में फेज-8 थाना पुलिस ने मृतक के माता-पिता के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया कि उनके पति, जो नगर निगम में सफाई कर्मचारी थे, की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद ससुराल पक्ष ने उन्हें घर से निकाल दिया और बाद में ईपीएफ तथा पेंशन का लाभ प्राप्त करने के लिए दस्तावेजों में उनके पति को अविवाहित दर्शा दिया।
सड़क हादसे में हुई थी कर्मचारी की मौत
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता का विवाह 15 सितंबर 2024 को नगर निगम कर्मचारी विनोद कुमार के साथ हुआ था। 29 मई 2025 को ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना में विनोद कुमार की मृत्यु हो गई। इसके बाद लाभों के दावे को लेकर विवाद सामने आया।
RTI से सामने आई कथित गड़बड़ी
शिकायत में आरोप लगाया गया कि मृतक के पिता और अन्य परिजनों ने सेक्टर-17 स्थित ईपीएफ कार्यालय में ऐसे दस्तावेज जमा किए, जिनमें कर्मचारी की वैवाहिक स्थिति अविवाहित दर्ज की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें आरटीआई के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों से इस कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जहां ईपीएफ क्लेम फॉर्म में कर्मचारी को अविवाहित बताया गया, वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र में उनकी वैवाहिक स्थिति विवाहित दर्ज है।
बीमा राशि के दावे की भी जांच
शिकायतकर्ता ने बीमा राशि नहीं मिलने का भी आरोप लगाया था। हालांकि, जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि बीमा राशि नामित व्यक्ति (Nominee) को जारी की जाती है और इस संबंध में शिकायतकर्ता पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इस पहलू की भी अलग से जांच की जा रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
प्रारंभिक जांच के आधार पर फेज-8 थाना पुलिस ने मृतक के माता-पिता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है तथा जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.





