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Haryana Cabinet Decisions 2026: लाडो लक्ष्मी योजना की आय सीमा बढ़ी, स्थानीय निकायों को मिलेगा 7% कर राजस्व

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कई फैसलों को मंजूरी। लाडो लक्ष्मी योजना के पात्र परिवारों के लिए आय सीमा में बदलाव

Panchkula: हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने, दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना में बदलाव, मीडियाकर्मियों के कल्याण और पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में राहत देने से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी साझा की गई।

कैबिनेट के निर्णयों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 से स्थानीय निकायों को राज्य के अपने कर राजस्व का 7 प्रतिशत हिस्सा देने की व्यवस्था जारी रहेगी। वहीं, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।

स्थानीय निकायों को राज्य के कर राजस्व का 7% हिस्सा

हरियाणा सरकार ने छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों को धनराशि हस्तांतरित करने की व्यवस्था जारी रखने की मंजूरी दी है। यह व्यवस्था वित्त वर्ष 2026-27 से अगले राज्य वित्त आयोग की सिफारिशें आने तक लागू रहेगी।

प्रस्ताव के अनुसार, राज्य के अपने कर राजस्व का वास्तविक आधार पर 7 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय निकायों को दिया जाएगा। इस राशि का वितरण इस प्रकार होगा:

  • 55 प्रतिशत: पंचायती राज संस्थाओं के लिए।
  • 45 प्रतिशत: शहरी स्थानीय निकायों के लिए।

धनराशि के आवंटन में जनसंख्या और क्षेत्रफल को आधार बनाया जाएगा। इसके तहत 80 प्रतिशत हिस्सा जनसंख्या और 20 प्रतिशत हिस्सा क्षेत्रफल के आधार पर निर्धारित होगा।

पंचायती राज संस्थाओं के भीतर राशि के वितरण के लिए जिला परिषदों को 10 प्रतिशत, पंचायत समितियों को 15 प्रतिशत और ग्राम पंचायतों को 75 प्रतिशत हिस्सा देने का प्रावधान बताया गया है।

दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना में आय सीमा को लेकर बदलाव

हरियाणा कैबिनेट ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये करने की मंजूरी दी है। इसके अलावा तीन विशेष श्रेणियों के लिए आय सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है।

इन विशेष श्रेणियों में निम्नलिखित परिवारों को शामिल किया गया है:

  1. वे माताएं जिनके बच्चों ने कक्षा 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों।
  2. वे परिवार जिनके बच्चों ने कक्षा 1 से 4 तक निपुण भारत मिशन के निर्धारित मानकों के अनुसार कक्षा स्तर की दक्षता हासिल की हो।
  3. वे परिवार जिनके बच्चे गंभीर या मध्यम तीव्र कुपोषण की स्थिति से उबरकर सामान्य स्वास्थ्य स्थिति में आ गए हों।

इन प्रावधानों का उद्देश्य योजना के तहत पात्रता के दायरे में बदलाव करना है। हालांकि, लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे संबंधित श्रेणी की अन्य निर्धारित शर्तों को भी पूरा करते हों।

अब हर तीन महीने में होगा लाइवनेस सत्यापन

लाडो लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों के लिए सत्यापन प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब लाइवनेस सत्यापन हर महीने के बजाय प्रत्येक तीन महीने में एक बार कराना होगा।

यह नई व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से लागू होने की जानकारी दी गई है। इससे लाभार्थियों को बार-बार सत्यापन कराने की आवश्यकता कम होगी। योजना के लाभार्थियों को लागू दिशा-निर्देशों और सत्यापन संबंधी आवश्यकताओं का पालन करना होगा।

नागरिक संसाधन सूचना विभाग को स्वतंत्र विभाग का दर्जा

कैबिनेट ने नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) को स्वतंत्र विभाग का दर्जा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड को CRID के प्रशासनिक नियंत्रण में लाने का निर्णय लिया गया।

इस फैसले से संबंधित विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव होगा। इसके विस्तृत क्रियान्वयन संबंधी नियम और प्रक्रिया आधिकारिक आदेशों के अनुसार निर्धारित होंगे।

मीडियाकर्मियों को अधिकतम 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता

हरियाणा सरकार ने मीडियाकर्मियों के कल्याण से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव को मंजूरी दी है। हरियाणा मीडिया कर्मी कल्याण कोष प्रशासन योजना के तहत पात्र मीडियाकर्मियों को दी जाने वाली अधिकतम वित्तीय सहायता राशि 5 लाख रुपये निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।

यह सहायता योजना के पात्रता नियमों और निर्धारित शर्तों के अधीन होगी। सहायता किस परिस्थिति में और किस प्रक्रिया के तहत मिलेगी, इसके लिए संबंधित योजना के आधिकारिक दिशा-निर्देश देखना आवश्यक होगा।

पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-सी भर्ती में लिखित परीक्षा से छूट

कैबिनेट ने हरियाणा की अग्निवीर नीति के दायरे में आने वाले ग्रुप-सी पदों की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षाओं से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इसके अतिरिक्त कुछ निर्धारित पदों के लिए शारीरिक स्क्रीनिंग टेस्ट और शारीरिक माप परीक्षण से छूट देने का भी निर्णय लिया गया है। इनमें शामिल हैं:

  • वन्य जीव रक्षक
  • भारतीय रिजर्व बटालियन में कांस्टेबल
  • राज्य आपदा मोचन बल में कांस्टेबल
  • फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर

ये छूट लागू अग्निवीर नीति और संबंधित भर्ती नियमों के अधीन होंगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती विज्ञापन में पात्रता, छूट और चयन प्रक्रिया की शर्तें जांचनी चाहिए।

हरियाणा कैबिनेट के फैसलों का आम लोगों पर क्या असर होगा?

कैबिनेट के निर्णय स्थानीय निकायों के वित्तीय संसाधनों, लाडो लक्ष्मी योजना की पात्रता, मीडियाकर्मियों की सहायता और पूर्व अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े हैं। इनके वास्तविक लाभ का दायरा संबंधित नियमों, पात्रता शर्तों और कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।

लाभार्थियों, पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए इन फैसलों से जुड़े आधिकारिक आदेशों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

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