Haryana News: गन और गैंग कल्चर को ग्लैमर देने वाले 67 गाने हटाए, 200 युवाओं की काउंसलिंग
नशा, हथियार और हिंसा को बढ़ावा देने वाले ऑनलाइन कंटेंट पर कार्रवाई; हरियाणवी संगीत जगत के गायकों और निर्माताओं को भी किया गया जागरूक
चंडीगढ़। हरियाणा में पुलिस(गैंग कल्चर )की स्टेट टास्क फोर्स (STF) ने इंटरनेट मीडिया पर नशे, गैंगस्टर संस्कृति, हथियारों और हिंसा के महिमामंडन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। STF की निगरानी और कार्रवाई के बाद अब तक 67 गाने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाए जा चुके हैं। इन डिजिटल कंटेंट में आपराधिक जीवनशैली को आकर्षक और ग्लैमरस तरीके से पेश किए जाने की बात सामने आई थी।
आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी के लिए बनाई समिति
STF ने गैंग, गैंगस्टर, हथियार और हिंसा को बढ़ावा देने वाले ऑनलाइन कंटेंट की पहचान के लिए एक समर्पित समिति बनाई है। समिति गीतों, म्यूजिक वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री की लगातार निगरानी कर रही है।
स्रोत के अनुसार, संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मध्यस्थों को कानूनी कार्रवाई के लिए नोटिस भी भेजे जा रहे हैं।
हाई कोर्ट भी दे चुका है निर्देश
शराब, नशीले पदार्थों और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गीतों को सार्वजनिक रूप से बजाने को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहले ही रोक संबंधी आदेश जारी कर चुका है। यह रोक लाइव कार्यक्रमों में ऐसे गीत बजाने पर भी लागू है।
200 युवाओं की पहचान, काउंसलिंग का प्रयास
हरियाणा पुलिस ने कार्रवाई को केवल ऑनलाइन कंटेंट हटाने तक सीमित नहीं रखा है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर गैंगस्टर और गन कल्चर से प्रभावित करीब 200 युवाओं की पहचान की गई है।
इन युवाओं की काउंसलिंग कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया है। पुलिस का फोकस ऐसे डिजिटल माहौल के प्रभाव को कम करने पर भी है, जिसमें अपराध को प्रतिष्ठा या आकर्षण से जोड़कर प्रस्तुत किया जाता है।
दूसरे राज्यों के साथ भी साझा किया गया कंटेंट
पुलिस ने आपत्तिजनक इंटरनेट मीडिया कंटेंट से जुड़ी जानकारी दूसरे राज्यों के साथ भी साझा की है, ताकि संबंधित कंटेंट और प्रोफाइल के खिलाफ समन्वित कार्रवाई की जा सके।
पुलिस का कहना है कि मकसद केवल अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी ऑनलाइन मानसिकता पर भी रोक लगाना है जो अपराध और हिंसा को सामान्य या आकर्षक रूप में पेश करती है।
हरियाणवी संगीत जगत के लोगों से भी बैठक
अभियान के तहत हरियाणवी संगीत जगत के प्रमुख गायकों, गीतकारों और निर्माताओं के साथ बैठक भी की गई। इस दौरान भड़काऊ गीतों के सामाजिक प्रभाव और युवाओं पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक असर को लेकर उन्हें जागरूक किया गया।





