पंजाब

Chandigarh News: अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, चंडीगढ़ की 124 ऑफलाइन सेवाएं होंगी ऑनलाइन

प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अधिकारियों को दिए तत्काल निर्देश, 35 विभागों की 556 सेवाएं पहले से सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित

चंडीगढ़। चंडीगढ़ में सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा (Chandigarh Online Services) में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहरवासियों को अब विभिन्न सरकारी कामों के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने वाली है। चंडीगढ़ प्रशासन की 124 ऑफलाइन सेवाओं को भी ऑनलाइन करने की तैयारी शुरू हो गई है।

पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अधिकारियों को बची हुई इन सेवाओं को जल्द से जल्द डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उनका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराना और सेवा वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाना है।

35 विभागों की 556 सेवाएं सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित

चंडीगढ़ सेवा का अधिकार आयोग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी होने के दौरान प्रशासन की मौजूदा व्यवस्था की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक यूटी प्रशासन के 35 विभागों की कुल 556 सेवाएं सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित हैं।

इनमें से 432 सेवाएं पहले से ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं 124 सेवाओं के लिए अभी ऑफलाइन प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है।

अब प्रशासन इन सभी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा। इससे नागरिकों को आवेदन जमा करने, दस्तावेज देने या सेवा की स्थिति जानने के लिए बार-बार संबंधित सरकारी कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।

प्रशासक ने दिए तत्काल ऑनलाइन करने के निर्देश

प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अधिकारियों से कहा कि शेष 124 सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने नागरिकों को अधिक से अधिक सरकारी सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

इससे सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान होने के साथ-साथ आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और समय की बचत होने की उम्मीद है।

सेवा का अधिकार कानून के दायरे में और सेवाएं शामिल करने पर जोर

कटारिया ने सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित सेवाओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों को यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि कौन-कौन सी सेवाएं इस कानून के तहत आती हैं और उन्हें हासिल करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनानी होगी।

इसके लिए प्रशासन को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोग अपने अधिकारों और उपलब्ध सरकारी सेवाओं के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।

सेवा का अधिकार आयोग ने दी रिपोर्ट

कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ़ सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त डॉ. महावीर सिंह ने आयोग के कामकाज और सेवा वितरण व्यवस्था पर प्रस्तुति दी। इसी अवसर पर वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट भी जारी की गई।

कार्यक्रम में प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक प्रताप सिंह, गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़, वित्त सचिव दीप्रवा लाकड़ा, डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, कार्मिक सचिव स्वप्निल एम. नाइक, उपायुक्त निशांत कुमार यादव, एसएसपी कंवरदीप कौर और आयोग के सदस्य-सचिव राजीव तिवारी शामिल रहे।

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