पंजाब

चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर की विदेश में नीलामी पर फिर विवाद, 10 अक्टूबर को पियरे जेनरे की दो कुर्सियों की लगेगी बोली

पेरिस के बाद अब नीदरलैंड की नीलामी में शामिल चंडीगढ़ का फर्नीचर, एडवोकेट अजय जग्गा ने यूटी प्रशासक से एफआईआर दर्ज कराने और विदेश मंत्रालय के जरिए कार्रवाई की मांग की

चंडीगढ़। चंडीगढ़ की पहचान और विरासत से जुड़े पियरे जेनरे के डिजाइन किए फर्नीचर की विदेशों में नीलामी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। शहर की प्रशासनिक इमारतों में इस्तेमाल किए गए विरासत फर्नीचर को विदेश में बेचे जाने की प्रस्तावित नीलामी को लेकर एडवोकेट अजय जग्गा ने यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

जग्गा ने सात अक्टूबर को प्रशासक को भेजे पत्र में कहा है कि पेरिस में प्रस्तावित नीलामी में संबंधित चंडीगढ़ विरासत फर्नीचर नहीं बिक सका था। अब नीदरलैंड में 10 अक्टूबर को होने वाली नीलामी में पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन की गई दो एक्स-लेग आर्मचेयर शामिल की गई हैं। ऐसे में इन फर्नीचर वस्तुओं की बिक्री रोकने के लिए समय रहते कदम उठाने की जरूरत है।

एफआईआर दर्ज कराने की मांग

एडवोकेट अजय जग्गा ने प्रशासन से मांग की है कि यदि इस मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है तो उसे तत्काल दर्ज कराया जाए। उनका कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद विदेश मंत्रालय के माध्यम से संबंधित देश के अधिकारियों और नीलामी घर के समक्ष आधिकारिक तौर पर मामला उठाने का रास्ता आसान होगा।

उनके अनुसार, चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े इन फर्नीचर की विदेशों में बिक्री केवल पुरानी वस्तुओं की सामान्य नीलामी का विषय नहीं है, बल्कि शहर की ऐतिहासिक और वास्तु विरासत से भी जुड़ा मामला है।

नीलामी कैटलॉग में चंडीगढ़ का साफ उल्लेख

नीदरलैंड के हेसिन्क फाइन आर्ट ऑक्शनरिस की प्रस्तावित नीलामी के कैटलॉग में पियरे जेनरे की दो एक्स-लेग आर्मचेयर को लॉट नंबर 28 के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

कैटलॉग के मुताबिक इन दोनों कुर्सियों की अनुमानित कीमत 5,000 से 7,000 यूरो रखी गई है, जबकि इनकी शुरुआती बोली 3,000 यूरो से शुरू होने की जानकारी दी गई है।

इस मामले में सबसे अहम तथ्य कैटलॉग में दर्ज प्रोवेनेंस है। इसमें इन कुर्सियों के स्रोत के तौर पर “From the Administrative Buildings, Chandigarh, India” का उल्लेख किया गया है। यानी नीलामी विवरण में इन फर्नीचर वस्तुओं का संबंध सीधे चंडीगढ़ की प्रशासनिक इमारतों से बताया गया है।

चंडीगढ़ की विरासत पर लगातार उठते सवाल

पियरे जेनरे का डिजाइन किया फर्नीचर चंडीगढ़ की वास्तु और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ऐसे फर्नीचर की विदेशों में नीलामी पहले भी विवाद का विषय बनती रही है। अब नीदरलैंड की प्रस्तावित नीलामी ने एक बार फिर इस मुद्दे को सामने ला दिया है।

अजय जग्गा ने प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा है कि नीलामी की तारीख नजदीक होने के कारण संबंधित अधिकारियों को समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि विदेश में प्रस्तावित बिक्री को रोकने के लिए कानूनी और राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जाए।

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