चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर फिर विदेश पहुंचा, पियरे जेनरे की डिजाइन की कुर्सियां नीलामी में शामिल
पेरिस और नीदरलैंड में प्रस्तावित नीलामी को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने दर्ज किया केस; संस्कृति विभाग ने एसएसपी को भेजी थी शिकायत
चंडीगढ़। चंडीगढ़ की पहचान और विरासत से जुड़े हेरिटेज फर्नीचर के विदेश में नीलामी के लिए पहुंचने का एक और मामला सामने आया है। इस बार शहर के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रसिद्ध आर्किटेक्ट पियरे जेनरे की डिजाइन की गई फर्नीचर वस्तुएं विदेश की नीलामी में रखी गई हैं। मामले को लेकर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है।
संस्कृति विभाग के निदेशक ने 25 सितंबर को चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर विदेश में प्रस्तावित नीलामी के संबंध में जानकारी दी थी। पत्र में बताया गया कि चंडीगढ़ की विरासत सूची में शामिल फर्नीचर से मिलती-जुलती पियरे जेनरे की डिजाइन की वस्तुएं विदेशी नीलामी में सामने आई हैं।
पेरिस में 30 सितंबर को नीलामी
मामले में सामने आया पहला फर्नीचर पेरिस स्थित आर्टक्यूरियल की 30 सितंबर को प्रस्तावित नीलामी में शामिल है। नीलामी सूची में इसे लॉट नंबर 73 के रूप में रखा गया है।
इस लॉट में पियरे जेनरे की डिजाइन की हुई वी-टाइप केन सीट और केन बैक वाली चेयर शामिल है। नीलामी विवरण में इस फर्नीचर को करीब वर्ष 1958 का बताया गया है।
नीदरलैंड में भी नीलामी के लिए फर्नीचर
दूसरा मामला नीदरलैंड की हेसिंक्स फाइन आर्ट ऑक्शनियर्स से जुड़ा है। यहां 10 अक्टूबर को होने वाली नीलामी में पियरे जेनरे की डिजाइन की गई दो एक्स-लेग आर्मचेयर का सेट रखा गया है।
यह फर्नीचर नीलामी सूची में लॉट नंबर 28 के तहत शामिल है। दोनों विदेशी नीलामियों में पियरे जेनरे की डिजाइन से जुड़े फर्नीचर के सामने आने के बाद चंडीगढ़ की विरासत संपदा को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं।
पहले भी विदेश में नीलाम हो चुका है चंडीगढ़ का फर्नीचर
चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर के विदेश पहुंचने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शहर से जुड़े विरासत फर्नीचर की विदेशों में नीलामी के मामले सामने आते रहे हैं। कुछ मामलों में नीलामी पूरी हो गई, जबकि कुछ मामलों में फर्नीचर की बिक्री या खरीदार को सौंपे जाने की प्रक्रिया को रोकने के प्रयास भी किए गए।
पियरे जेनरे ने चंडीगढ़ के नियोजित विकास में अहम योगदान दिया था। उनके डिजाइन किए फर्नीचर को शहर की आधुनिक वास्तुकला और विरासत से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से विदेशों में ऐसे फर्नीचर की नीलामी सामने आने पर इसकी उत्पत्ति और शहर की विरासत सूची से इसके संबंध की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विदेश में प्रस्तावित दोनों नीलामियों को लेकर आगे की कार्रवाई जांच के आधार और उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार सामने आएगी।





