उच्च शिक्षा परिषद एवं निदेशालय के निर्माणाधीन भवन का मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने किया स्थलीय निरीक्षण !
लखनऊ -: ( 29 सितंबर 2026 ) -: प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को आशियाना, लखनऊ स्थित उ0प्र0 उच्च शिक्षा परिषद एवं उच्च शिक्षा निदेशालय शिविर कार्यालय के निर्माणाधीन भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का गहनता से जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से विभिन्न कार्यों की स्थिति, मानव संसाधन, निर्माण सामग्री तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली। उच्च शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए तथा सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जो कार्य समानांतर रूप से किए जा सकते हैं, उन्हें एक साथ आगे बढ़ाया जाए, ताकि अनावश्यक रूप से समय न लगे। निर्माण की प्रत्येक गतिविधि के लिए स्पष्ट कार्ययोजना एवं समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार कार्य सुनिश्चित किया जाए।
- उच्च शिक्षा परिषद एवं निदेशालय के निर्माणाधीन भवन का मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने किया स्थलीय निरीक्षण
- निर्माण कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करें कार्य: योगेन्द्र उपाध्याय
- युवाओं को सहज और सुलभ उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाएं: योगेन्द्र उपाध्याय
मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने निर्माणाधीन भवन में जल निकासी एवं जलभराव की स्थिति को भी गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भवन का लेवल और आसपास की सड़क के स्तर को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए कि वर्षा का पानी भवन परिसर में प्रवेश न करे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण सामग्री का प्रयोग सुनिश्चित करते हुए कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। उच्च शिक्षा मंत्री ने इसके पश्चात उच्च शिक्षा निदेशालय शिविर कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर उच्च शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा सहज और सुलभ रूप से उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। विद्यार्थियों को प्रदेश में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों तथा उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अन्य प्रदेशों अथवा दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता न पड़े, इस दिशा में प्रभावी कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने के साथ-साथ विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मजबूत किया जाना आवश्यक है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए।
