होटल-रेस्तरां की रसोई अब लाइव देखने की मांग, ऑनलाइन ऑर्डर पर मिले Kitchen Live Streaming सुविधा
खाना किस माहौल में और कितनी स्वच्छता के साथ बन रहा है, यह ग्राहकों को लाइव दिखाने की मांग; चंडीगढ़ प्रशासक को पत्र भेजकर त्योहारी सीजन से व्यवस्था लागू करने का सुझाव
चंडीगढ़। ऑनलाइन फूड डिलीवरी का बढ़ता चलन अब भोजन की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता को लेकर नई बहस लेकर आया है। चंडीगढ़ में मांग उठी है कि होटल और रेस्तरां से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले ग्राहकों को उस रसोई की लाइव स्ट्रीमिंग देखने की सुविधा दी जाए, जहां उनका भोजन तैयार किया जा रहा है।
इस संबंध में अधिवक्ता एवं प्रशासक सलाहकार परिषद के सदस्य अजय जग्गा ने चंडीगढ़ के प्रशासक और संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे खाद्य सुरक्षा में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा।
ऑनलाइन ऑर्डर के साथ दिखे रसोई का लाइव दृश्य
प्रस्ताव के अनुसार, फूड डिलीवरी एप पर ऑर्डर की स्थिति दिखाने के दौरान ग्राहकों को रसोई की लाइव फीड उपलब्ध कराई जा सकती है। जैसे ही ग्राहक को यह अपडेट मिले कि उसका खाना तैयार किया जा रहा है, उसी समय वह रसोई के वातावरण को लाइव देख सके।
हालांकि, इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी विशेष ऑर्डर की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक करना नहीं, बल्कि रसोई में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े सामान्य वातावरण को पारदर्शी बनाना है।
ग्राहकों को मिलेगी स्वच्छता की जानकारी
लाइव किचन स्ट्रीमिंग के जरिए ग्राहक यह देख सकेंगे कि भोजन किस तरह के वातावरण में तैयार हो रहा है। इससे रसोई की साफ-सफाई, कर्मचारियों द्वारा अपनाए जा रहे सामान्य स्वच्छता मानकों और कार्यस्थल की स्थिति को लेकर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
मांग रखने वालों का मानना है कि कैमरा व्यवस्था से होटल और रेस्तरां संचालकों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। यदि किसी स्थान पर स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन नहीं हो रहा है, तो इसकी शिकायत करने का आधार भी उपलब्ध हो सकता है।
स्कूल, अस्पताल और कैंटीन तक व्यवस्था बढ़ाने का सुझाव
यह सुझाव केवल होटल और रेस्तरां तक सीमित नहीं रखा गया है। पत्र में स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों की कैंटीन व खाद्य सेवा केंद्रों में भी रसोई की निगरानी व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है।
हालांकि, जिन प्रतिष्ठानों में पहले से ओपन किचन की व्यवस्था मौजूद है, उन्हें अलग श्रेणी में रखने का सुझाव दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा नियमों का दिया गया हवाला
मांग के समर्थन में फूड सेफ्टी से जुड़े मौजूदा कानूनों और नियमों का भी उल्लेख किया गया है। खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए पहले से ही रसोई की स्वच्छता, उपकरणों की सफाई, कचरे के उचित निस्तारण और कर्मचारियों के स्वास्थ्य सहित कई मानक निर्धारित हैं।
प्रस्ताव रखने वालों का तर्क है कि लाइव कैमरा फीड इन नियमों के पालन को लेकर अतिरिक्त पारदर्शिता पैदा कर सकती है।
कोविड काल में भी अपनाई जा चुकी है ऐसी पहल
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कोविड महामारी के दौरान दिल्ली-एनसीआर के कुछ होटल और रेस्तरां ने ग्राहकों का विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से अपनी रसोई से जुड़ी लाइव विजुअल व्यवस्था अपनाई थी।
अब मांग की गई है कि चंडीगढ़ प्रशासन इस प्रस्ताव पर विचार करे और विशेष रूप से त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे।
उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाने पर जोर
प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को यह भरोसा दिलाना है कि उनका भोजन स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में तैयार हो रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म और होटल-रेस्तरां उद्योग में पारदर्शिता तथा जवाबदेही का एक नया मॉडल सामने आ सकता है।
हालांकि, इस प्रस्ताव पर प्रशासन की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चंडीगढ़ प्रशासन इस मांग को किस रूप में स्वीकार करता है और खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए क्या नए नियम तय किए जाते हैं।




