हरियाणा में गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण की उम्मीद बढ़ी, CM नायब सैनी ने दिए संभावनाएं तलाशने के निर्देश
करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स के भविष्य पर जल्द हो सकता है फैसला
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई अहम बैठक के बाद करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स में उम्मीद जगी है कि सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांग पर जल्द कोई ठोस कदम उठा सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण से जुड़े विकल्पों और कानूनी व प्रशासनिक संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस घटनाक्रम ने वर्षों से स्थायी नियुक्ति की मांग कर रहे शिक्षकों की उम्मीदों को मजबूत किया है।
विधानसभा सत्र के बाद हुई अहम बैठक
गेस्ट टीचर्स के प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच विधानसभा सत्र के बाद बैठक हुई। इस दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष नियमितीकरण से जुड़ी अपनी मांग और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को रखा।
बैठक में सरकार की ओर से सकारात्मक रुख सामने आने के बाद शिक्षक संगठनों ने उम्मीद जताई है कि इस मामले पर आगे आधिकारिक स्तर पर चर्चा की जाएगी।
20 साल से अधिक समय से सेवाएं दे रहे हैं शिक्षक
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में गेस्ट टीचर्स लंबे समय से पढ़ा रहे हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि कई शिक्षक करीब दो दशकों से अधिक समय से शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं और अब उन्हें सेवा सुरक्षा की आवश्यकता है।
गेस्ट टीचर्स का नियमितीकरण लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा रहा है। हाल के दिनों में इस विषय पर न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा तेज हुई है।
हाई कोर्ट के फैसलों के बाद भी बढ़ी चर्चा
गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण से जुड़े मामलों में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में भी सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया चलती रही है। हालांकि इस मुद्दे से जुड़े कानूनी पहलुओं पर अलग-अलग दलीलें सामने आई हैं और मामला पूरी तरह सरल नहीं है। ऐसे में सरकार के लिए किसी भी निर्णय से पहले कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर विचार करना महत्वपूर्ण होगा।
2014 के वादे की फिर हो रही चर्चा
गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण को लेकर वर्ष 2014 के चुनावी वादे का मुद्दा भी एक बार फिर प्रमुखता से उठाया जा रहा है। शिक्षक संगठनों और विपक्षी नेताओं का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को लेकर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।
अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सकारात्मक रुख के बाद यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या हरियाणा सरकार गेस्ट टीचर्स के लिए नियमितीकरण का कोई नया रास्ता तैयार करेगी।
अगली बैठक पर टिकी नजर
गेस्ट टीचर्स के प्रतिनिधियों के अनुसार, सरकार की ओर से आगे इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की संभावना है। यदि प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर कोई सहमति बनती है तो हजारों गेस्ट टीचर्स के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सामने आ सकता है।
फिलहाल, मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक ने गेस्ट टीचर्स की उम्मीदों को नई मजबूती दी है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम और नियमितीकरण को लेकर होने वाले आधिकारिक फैसले पर रहेगी।

