लखनऊ

’नवोन्मेषी खेती से झांसी जनपद के श्री राम किशुन ने मटर उत्पादन में रचा नया कीर्तिमान’ !

लखनऊ – : (31 अगस्त, 2026 ) -: किसानों की आय दोगुनी करने एवं उन्हें “अन्नदाता से उद्यमी” बनाने के लक्ष्य के साथ प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में लगातार कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार की किसान‑हितैषी नीतियों, समयबद्ध अनुदान और आधुनिक तकनीक के प्रसार ने झांसी सहित पूरे बुंदेलखंड के किसानों को नई दिशा दी है, जिसके परिणामस्वरूप मटर, सरसों तथा अन्य फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। झांसी जनपद के विकास खण्ड बामौर के ग्राम परसुवा के प्रगतिशील किसान श्री राम किशुन की सफलता गाथा, उत्तर प्रदेश सरकार के इन्हीं सतत प्रयासों का प्रेरक उदाहरण है।
श्री राम किशुन ग्राम परसुवा, विकास खण्ड बामौर, जनपद झांसी के मूल निवासी हैं। वे उच्च माध्यमिक तक शिक्षित हैं तथा लघु श्रेणी के कृषक होने के बावजूद खेती को ही अपनी मुख्य आजीविका मानकर पूरी निष्ठा से खेती‑बाड़ी में लगे हैं। सीमित संसाधनों के साथ भी उन्होंने परंपरागत खेती को छोड़कर वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने का साहस दिखाया, जिससे उनकी पहचान क्षेत्र के नवाचारी किसान के रूप में बनने लगी।   श्री राम किशुन लघु श्रेणी के कृषक हैं तथा उनके पास लगभग 1.160 हे० कृषि योग्य भूमि है। वे सिंचाई के लिए उपलब्ध यंत्रों एवं सेट का उपयोग करते हैं तथा समय पर सिंचाई और पोषण प्रबंधन पर विशेष ध्यान देते हैं। खेतों में वे मटर, चना, गेहूं आदि फसलों की वैज्ञानिक ढंग से बुवाई करते हैं, बीजोपचार, संतुलित उर्वरक प्रयोग तथा कीट‑रोग प्रबंधन के लिए विभागीय परामर्श का पालन करते हैं।

\                उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किसान श्री राम किशुन को उन्नत बीज, प्रदर्शन प्लॉट, प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ मिला, जिससे उनकी खेती में उल्लेखनीय सुधार आया है। विभाग द्वारा आयोजित कृषक गोष्ठियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी से उन्होंने मटर की उच्च उत्पादक किस्में, उचित बीज दर, कतारों में बुवाई, विधिवत सिंचाई तथा समेकित पोषक तत्व प्रबंधन जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाया। झांसी क्षेत्र में दलहनी फसलों, विशेषकर मटर की वैज्ञानिक खेती पर बल दिए जाने से उन्होंने समय पर बुवाई, निराई‑गुड़ाई, रोग‑कीट नियंत्रण और फसल कटाई की वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर उत्पादन क्षमता में बड़ा सुधार किया। पूर्व में मटर की बुवाई परंपरागत तरीके से होने के कारण प्रति हेक्टेयर उत्पादन सामान्य स्तर तक ही सीमित था, जिससे शुद्ध लाभ में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पा रही थी। उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं एवं कृषि विभाग के वैज्ञानिक मार्गदर्शन के तहत उन्होंने प्रमाणित बीज, संतुलित उर्वरक उपयोग, यांत्रिक कतार बुवाई तथा कीट‑रोग प्रबंधन जैसी तकनीकों को व्यवस्थित रूप से अपनाया। परिणामस्वरूप उन्होंने मटर की उन्नत प्रजाति (केएनएफएमएसआर‑522) की खेती में प्रति हेक्टेयर ’44.20 कुंतल’ की उल्लेखनीय उपज प्राप्त की, जो अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई।

श्री राम किशुन ने राज्य स्तरीय फसल प्रतियोगिता में मटर फसल की उपज के आधार पर मटर प्रजाति केएनएफएमएसआर‑522 में ’44.20 कुंतल प्रति हेक्टेयर’ उत्पादन प्राप्त कर ’प्रथम स्थान’ हासिल किया। इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें 01 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र एवं शाल’ प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है, जिससे वे स्वयं तो गौरवान्वित हुए ही हैं, साथ ही पूरे जिले और प्रदेश का मान भी बढ़ा है। राज्य सरकार द्वारा समय‑समय पर दी जाने वाली प्रशिक्षण सुविधाएँ, तकनीकी मार्गदर्शन, बीज एवं अन्य कृषि सामग्रियों पर अनुदान, तथा फसल प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रोत्साहन ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

श्री राम किशुन की सफलता ने यह दिखा दिया है कि यदि किसान उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रमाणित बीज, वैज्ञानिक सिंचाई तथा उन्नत प्रबंधन पद्धतियों को अपनाएँ, तो सीमित भूमि पर भी अत्यधिक लाभदायक खेती की जा सकती है। झांसी जैसे अर्ध‑शुष्क क्षेत्र में मटर जैसी दलहनी फसल में रिकॉर्ड उत्पादन प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार द्वारा “बीज से बाजार तक” की सोच, किसान‑हितैषी नीतियाँ और तकनीकी सहयोग गाँव‑गाँव के किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। यह सफलता गाथा प्रदेश के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है कि वे भी सरकारी योजनाओं से जुड़कर नवाचारी खेती की दिशा में कदम बढ़ाएँ और समृद्धि की नई इबारत लिखें।

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