हरियाणा सरकार ने शिल्प कारीगरों के लिए शुरू की नई योजना, शिल्प सम्पदा योजना के तहत मिलेगा 10 लाख का लोन
मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार का मौका,पिछड़े वर्ग को मिलेगी सहायता , ऑनलाइन आवेदन शुरू
सिरसा: हरियाणा सरकार पारंपरिक हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग (शिल्प सम्पदा योजना )से जुड़े पिछड़ा वर्ग के कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शिल्प संपदा सावधि ऋण योजना संचालित कर रही है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने या उसका विस्तार करने के लिए 10 लाख रुपये तक का सावधि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही आधुनिक तकनीकों का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
योजना का उद्देश्य पारंपरिक कला और शिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़ना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को कंप्यूटर, CAD (कंप्यूटर एडेड डिज़ाइन) तथा अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता और डिज़ाइन में सुधार कर सकें।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को हरियाणा का स्थायी निवासी और पिछड़ा वर्ग का सदस्य होना आवश्यक है। आवेदन करने वाले की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जबकि परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन के समय परिवार पहचान पत्र (PPP), जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक खाते का विवरण और पासपोर्ट आकार का फोटो जमा करना होगा।
ऐसे करें आवेदन
पात्र अभ्यर्थी हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद पात्रता के आधार पर चयन किया जाएगा।
जिला स्तर के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना विशेष रूप से उन कारीगरों के लिए लाभकारी है जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपने पारंपरिक व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पा रहे हैं। योजना से हस्तशिल्प क्षेत्र को नई तकनीक, बेहतर बाजार और स्वरोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।



