हरियाणा

रक्षाबंधन पर फतेहाबाद में बसों की कमी से बढ़ी परेशानी, मायके से लौट रहीं महिलाओं को करना पड़ा लंबा इंतजार

निशुल्क यात्रा सुविधा के बीच सिरसा रूट पर यात्रियों की भारी भीड़, बस स्टैंड पर आधे से एक घंटे तक इंतजार; गांवों के यात्रियों को भी हुई दिक्कत।

फतेहाबा: रक्षाबंधन के अवसर पर मायके जाकर भाइयों को राखी बांधने के बाद घर लौट रही महिलाओं को शुक्रवार शाम बसों की कमी के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिरसा रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ बसों में भीड़ बढ़ गई और कई लोगों को लंबे समय तक बस का इंतजार करना पड़ा।

रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं और बच्चों के लिए निशुल्क बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध थी। इसके चलते बस स्टैंडों पर सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या अधिक रही। शाम के समय कई रूटों पर बसों की उपलब्धता कम पड़ने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं।

आधे घंटे से एक घंटे तक करना पड़ा इंतजार

फतेहाबाद के बस स्टैंड पर कई यात्रियों को बस के लिए करीब आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। बस आने पर भीड़ इतनी अधिक थी कि कुछ यात्रियों को उसमें जगह नहीं मिल सकी।

ऐसे यात्रियों को अगली बस का इंतजार करना पड़ा। महिलाओं, बच्चों और गांवों की ओर जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ा।

गांवों के यात्रियों की बढ़ी मुश्किल

हिसार-सिरसा मार्ग पर कुछ गांवों के यात्रियों ने बसों के पर्याप्त रूप से नहीं रुकने की समस्या भी बताई। धांगड़, बड़ोपल और खाराखेड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।

कई लोग ऑटो और ई-रिक्शा से अपने गंतव्य तक पहुंचे, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च और परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुराने बस स्टैंड पर रही सबसे ज्यादा भीड़

रक्षाबंधन के कारण फतेहाबाद के पुराने और नए दोनों बस स्टैंडों पर सुबह से ही यात्रियों की आवाजाही बढ़ी हुई थी। सबसे अधिक भीड़ पुराने बस स्टैंड पर देखने को मिली।

महिलाओं और अन्य यात्रियों की सुविधा के लिए शहर के बीच से बसों का संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कुछ बसों को पुराने मार्ग से भी निकाला गया। इसके बावजूद शाम के समय यात्रियों की संख्या बढ़ने से बसों की कमी महसूस की गई।

त्योहार पर बाजारों में भी बढ़ी रौनक

रक्षाबंधन के अवसर पर फतेहाबाद के बाजारों में भी खरीदारी को लेकर चहल-पहल बनी रही। त्योहार के दौरान स्थानीय बाजारों में करीब 1.10 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया।

हालांकि, भाई-बहन के इस पर्व की खुशियों के बीच घर लौटते समय बसों की कमी और भीड़भाड़ ने कई महिलाओं और यात्रियों की यात्रा को मुश्किल बना दिया।

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