जालंधर में CGST के असिस्टेंट कमिश्नर पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई
कारोबारी को ब्लैकलिस्ट करने की कथित धमकी देकर 30 लाख रुपये मांगने का आरोप
जालंधर: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग, जालंधर के असिस्टेंट कमिश्नर रविंदर कुमार शर्मा के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह कार्रवाई 10 लाख रुपये की कथित रिश्वत से जुड़े मामले की जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, जालंधर के एक कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी फर्म के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी देकर उनसे बड़ी रकम की मांग की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अप्रैल 2025 में उन्हें CGST कार्यालय बुलाया गया, जहां कार्रवाई से राहत दिलाने के बदले 30 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई।
पहली किश्त लेते समय गिरफ्तार हुआ था चार्टर्ड अकाउंटेंट
शिकायत मिलने के बाद पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मामले की जांच शुरू की और कथित तौर पर रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 10 लाख रुपये लेते समय विभाग से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट गुरसेवक सिंह को मई 2025 में रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर बढ़ी कार्रवाई
विजिलेंस जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अब CGST के असिस्टेंट कमिश्नर रविंदर कुमार शर्मा को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। इसी क्रम में उनके खिलाफ सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है।
भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती का संदेश
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर के अधिकारी या संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।





