रुद्रप्रयाग

केदारनाथ यात्रा 2026: वीआईपी दर्शन पर कड़ा नियंत्रण, आम श्रद्धालुओं के लिए नई व्यवस्था लागू

रुद्रप्रयाग -: आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से केदारनाथ धाम में इस वर्ष कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए जा रहे हैं। विशेष रूप से वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर सख्ती बरती गई है, जिसके तहत अब केवल निर्धारित सरकारी प्रोटोकॉल के अंतर्गत आने वाले व्यक्तियों को ही विशेष दर्शन की सुविधा प्रदान की जाएगी।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, आम श्रद्धालुओं को अब सामान्य कतार के माध्यम से ही दर्शन करने होंगे। पिछले वर्षों में वीआईपी व्यवस्था को लेकर उठे सवालों और अव्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि सभी भक्तों को समान अवसर मिल सके।

इसके साथ ही मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन, कैमरा, फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग और ब्लॉगिंग जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि धार्मिक वातावरण की पवित्रता और शांति भी बनी रहेगी।

बदरी-केदार मंदिर समिति ने यह स्पष्ट किया है कि बिना प्रोटोकॉल किसी भी व्यक्ति को वीआईपी सुविधा नहीं दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य दर्शन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवान के अनुसार, इस नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं को लंबी प्रतीक्षा और अव्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद है। चारधाम यात्रा की शुरुआत इस वर्ष 19 अप्रैल से होने जा रही है। इसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जबकि 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुधार कार्य हेतु 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। लगभग 100 चिन्हित डेंजर जोन में से 80 स्थानों पर मरम्मत और सुरक्षा कार्य तेजी से जारी हैं। समग्र रूप से देखा जाए तो इस बार की चारधाम यात्रा में व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन व्यवस्थाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर किस प्रकार सामने आता है।

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