हाकम सिंह का हाकिम कौन ? – कांग्रेस ने सरकार को घेरा, रिया की मौत को बताया व्यवस्था का आईना !
देहरादून -: जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षाओं के निरस्तीकरण और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रेस वार्ता आयोजित की। महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। डॉ. गोगी ने कहा कि वर्षों की मेहनत और सपनों के सहारे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र बार-बार प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाएं रद्द होने और भर्ती प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब के कारण मानसिक तनाव और निराशा का सामना कर रहे हैं। नकल माफिया और भ्रष्टाचार ने युवाओं का परीक्षा प्रणाली से विश्वास पूरी तरह तोड़ दिया है।
उन्होंने देहरादून की छात्रा रिया कुमारी थापा की आत्महत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि नीट परीक्षा के पेपर लीक और उससे उपजे असमंजस के बीच उसने यह दुखद कदम उठाया। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस असंवेदनशील व्यवस्था का आईना है जिसने युवाओं को निराशा के गर्त में धकेल दिया है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने सरकार पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि 2017 से अब तक भाजपा सरकार एक भी परीक्षा बिना धांधली के नहीं करा सकी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मास्टरमाइंड हाकम सिंह की सरकार की कमजोर पैरवी के कारण रिहाई हुई और उसके छूटते ही एक और पेपर लीक हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि हाकम सिंह का असली हाकिम कौन है, यह इसलिए सामने नहीं आ रहा क्योंकि वह सत्ता के गलियारों में बैठा है।
उन्होंने राहुल गांधी के कोटा दौरे का हवाला देते हुए बताया कि सरकार के पूरे शिक्षा बजट से तीन गुना अधिक राशि महज पांच परीक्षाओं की तैयारी में कोटा के छात्र खर्च कर रहे हैं। NTA के गठन के बाद से अब तक 89 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं और 49 परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ीं। कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच हो, नकल माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए, परीक्षा प्रणाली पारदर्शी बनाई जाए, लंबित भर्तियां समयबद्ध पूरी की जाएं और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष परामर्श व्यवस्था की जाए। प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी और अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल भी उपस्थित रहे।
