स्ट्रीट वेंडर्स मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, चंडीगढ़ नगर निगम से मांगा विस्तृत हलफनामा
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों के रवैये पर जताई नाराजगी, दो दिन में स्पष्ट जवाब देने के निर्देश
Haryana:स्ट्रीट वेंडर्स और अतिक्रमण के मुद्दे पर चल रही सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने नगर निगम कमिश्नर द्वारा दाखिल हलफनामे को “बेहद अस्पष्ट” बताते हुए कहा कि इसमें जमीनी स्थिति और कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
अदालत ने चंडीगढ़ नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया है कि दो दिन के भीतर विस्तृत और ठोस हलफनामा दाखिल किया जाए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि आदेशों के पालन में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
यह मामला मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें शहर में स्ट्रीट वेंडर्स और अतिक्रमण को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत गठित अपीलीय प्राधिकरण को भी निर्देश दिए कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इससे पहले भी अदालत ने कहा था कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानून के तहत की जा सकती है, लेकिन वेंडर्स को दूसरी जगह शिफ्ट करने से उनका रोजगार प्रभावित होता है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि नई वेंडिंग साइट्स की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि ग्राहकों को भी असुविधा न हो।
अदालत ने प्रशासन से यह भी पूछा है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी में लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति क्या है और अब तक कितने आवेदन दाखिल किए गए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 5 मई को निर्धारित की गई है, जहां इस पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।



