Haryana News: सीएम नायब सैनी ने 252 करोड़ की खरीद को दी मंजूरी, बोले- जनता का पैसा पूरी जवाबदेही से होगा खर्च
Haryana News:बिजली ढांचा मजबूत करने, सुरक्षा उपकरण और परिवहन सेवाओं पर बड़ा फोकस
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए करीब 252 करोड़ रुपये के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में कई बड़े विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल खर्च करना नहीं, बल्कि कम लागत में बेहतर गुणवत्ता और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
बैठक में सबसे बड़ा फैसला बिजली ढांचे को मजबूत करने को लेकर लिया गया। दक्षिण और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगमों के लिए लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से रैबिट कंडक्टर खरीदने को मंजूरी दी गई।
सरकार का मानना है कि इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी और तकनीकी नुकसान कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क से जुड़े C&R Panels की खरीद को भी स्वीकृति दी गई।
हरियाणा पुलिस के लिए आधुनिक सुरक्षा उपकरण खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा उपकरणों में तकनीकी गुणवत्ता और आधुनिक मानकों को प्राथमिकता दी गई है।
इसके साथ ही परिवहन विभाग की साधारण, AC और मिनी बसों के अलावा ड्राइवर ट्रेनिंग स्कूल की बसों के बीमा प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘म्हारी सड़क एप’ को सड़क शिकायतों की निगरानी का बड़ा माध्यम बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क संबंधी शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि हर जिले में ‘म्हारी सड़क एप’ पर दर्ज प्रमुख शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई ठेकेदार डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड के दौरान सड़क की मरम्मत नहीं करता तो उसकी बैंक गारंटी जब्त की जाएगी। तीन बार लापरवाही मिलने पर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
हरियाणा सरकार अब गांवों के तालाबों और जोहड़ों को “ग्रीन कम्युनिटी स्पेस” के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तालाबों की सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ‘Three-Pond System’ लागू करने की योजना पर काम कर रही है ताकि गांवों का गंदा पानी सीधे तालाबों में न पहुंचे और जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।



