भारत-नेपाल सीमा पर म्यूल खातों से अवैध लेनदेन पर सरकार की कड़ी कार्रवाई
मुजफ्फरपुर । भारत-नेपाल सीमा के जिलों में साइबर अपराध के मामले बढ़े हैं। यहां बड़ी संख्या में म्यूल खाते का उपयोग अवैध राशि के ट्रांसफर के लिए किया जाता है।
पिछले दिनों भारत-नेपाल के पदाधिकारियों की बैठक में यह मामला आया था। इसे देखते साइबर अपराध के मामलों की विशेष समीक्षा का जिम्मा संबंधित जिलों के एसपी को व्यक्तिगत रूप से दिया गया है। इसमें रिजर्व बैंक के पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
सबसे महत्वपूर्ण निर्देश म्यूल खातों की जांच का दिया गया है। राशि के ट्रांजेक्शन की जानकारी भी रिजर्व बैंक को देने को कहा गया है। इसके साथ ही इन इलाकों में बन रहे फर्जी आधार कार्ड पर भी सरकार की नजर है। इस मामले में डीएम और एसपी को सभी कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) की जांच करने को कहा गया है।
कैश डिपोजिट रेशियो पर भी नजर
सीमाई इलाके में कैश डिपोजिट रेशियो की निगरानी भी होगी। जिलों के पदाधिकारियों को फायनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट की मदद से इसकी जांच करेंगे। संदिग्ध ट्रांजेक्शन रिपोर्ट पर निगरानी के लिए भी यूनिट की मदद लेने को कहा गया है। इसके अलावा इन इलाके में बड़ी संपत्ति की खरीद-बिक्री पर भी नजर रखी जा रही है।
सभी निबंधन पदाधिकारियों को ऐसी खरीद-बिक्री की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से आयकर विभाग को देने को कहा गया है। इसके अलावा भारतीय और नेपाली जाली मुद्रा की भी सघन जांच कराने को सभी संबंधित डीएम और एसपी को निर्देश दिया गया है। इन इलाके में नोट साटिंग मशीन लगाने तथा मनी करेंसी एक्सचेंज स्थापित करने को कहा गया है।
- सीमाई जिले में म्यूल खाते से अवैध पैसों का ट्रांसफर, गहनता से होगी जांच
- मुख्य सचिव ने नेपाल सीमा से सटे जिले के डीएम व एसपी को दिए निर्देश
- फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने को देखते हुए सीएससी की भी होगी जांच
- भारत-नेपाल के पदाधिकारियों की बैठक में यह मामला आया था

