पानीपत में महिला MBBS डॉक्टर ने तीसरी मंजिल से लगाई छलांग, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना के आरोप
निजी वीडियो वायरल करने की धमकी, एक करोड़ रुपये और जेवर मांगने का आरोप; पुलिस ने शुरू की गंभीर जांच
हरियाणा: पानीपत में कथित ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान एक महिला MBBS डॉक्टर द्वारा तीसरी मंजिल से छलांग लगाने का मामला सामने आया है। घटना में डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनके शरीर में कई फ्रैक्चर आए हैं। लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद भी वह फिलहाल चलने-फिरने में असमर्थ बताई जा रही हैं।
मामले की शिकायत पीड़िता के भाई और चाचा ने पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने जांच सफीदो के डीएसपी को सौंपी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी युवक ने कथित तौर पर डॉक्टर का यौन शोषण किया और बाद में निजी वीडियो व तस्वीरों के जरिए उसे ब्लैकमेल करता रहा।
स्कूल की दोस्ती से शुरू हुआ मामला
शिकायत के अनुसार, पीड़िता और आरोपी मोहित की पहचान स्कूल के दिनों में हुई थी। दोनों जींद के एक पब्लिक स्कूल में साथ पढ़ते थे। आरोप है कि आरोपी ने खुद को संपन्न परिवार से बताकर युवती के करीबियां बढ़ाईं और शादी का प्रस्ताव दिया।
साल 2019 में जब युवती MBBS की पढ़ाई के लिए तेलंगाना गई, तब आरोपी भी वहां पहुंच गया। परिवार का आरोप है कि आरोपी ने दोस्ती और भरोसे का फायदा उठाकर युवती को नशीला पदार्थ दिया और उसके बाद उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे पैसे
शिकायत में कहा गया है कि जब युवती को आरोपी की वास्तविकता का पता चला तो उसने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी लगातार उसे वीडियो वायरल करने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकियां देने लगा।
परिजनों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये नकद और घर के सोने-चांदी के जेवर लाने का दबाव भी बनाया। लगातार मानसिक दबाव और धमकियों से परेशान होकर महिला डॉक्टर ने यह कदम उठाया।
जीरो FIR के बाद पानीपत पहुंचा मामला
इस मामले में पहले जींद के पिल्लूखेड़ा थाना में जीरो FIR दर्ज की गई थी। बाद में घटना का मुख्य केंद्र पानीपत होने के कारण केस मॉडल टाउन थाना ट्रांसफर कर दिया गया।
मॉडल टाउन थाना प्रभारी जगमहेंद्र ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।
साइबर ब्लैकमेलिंग और महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह मामला एक बार फिर ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, निजी डेटा के दुरुपयोग और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रकार की धमकी, ब्लैकमेलिंग या निजी तस्वीरों के दुरुपयोग की स्थिति में तुरंत पुलिस और साइबर सेल से संपर्क करना चाहिए।



