देहरादून

“भूमि अधिग्रहण और अनुमतियों में देरी जैसे छोटे मुद्दे भी बड़े नुकसान का कारण बनते हैं।” भविष्य की समस्याओं से बचने के लिए मात्रा के साथ गुणवत्ता पर भी ध्यान दें: नितिन गडकरी !

देहरादून-: (  29 अप्रैल 2026 )- : द एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया ने आज इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्फ्रेंस और अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन किया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने निर्णय लेने में देरी, खराब योजना और जवाबदेही की कमी को परियोजनाओं में देरी और लागत बढ़ने का मुख्य कारण बताया। मंत्री ने कहा, “भूमि अधिग्रहण और अनुमतियों में देरी जैसे छोटे मुद्दे भी बड़े नुकसान का कारण बनते हैं।” गुणवत्ता पूर्ण कार्य पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा, “कई बार ठेकेदार घटिया गुणवत्ता का काम करते हैं, फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि केवल कागजों तक सीमित रह जाती है। ऐसे ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए।

हमें कार्य की मात्रा के साथ उसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए। आज सोशल मीडिया के कारण छोटी से छोटी खामियां भी तुरंत सामने आ जाती हैं, जिससे गुणवत्ता बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। प्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्ध निर्णय और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। निर्माण लागत कम करने के लिए तकनीक का उपयोग करें, लेकिन गुणवत्ता से समझौता न करें। अपशिष्ट को ऊर्जा में बदलना, नए सामग्रियों का उपयोग और नवाचार को अपनाना भविष्य के लिए आवश्यक है। पूर्णता संभव न हो, लेकिन निरंतर सुधार अवश्य संभव है।”

मंत्री ने आगे कहा, “विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों को एक साथ आकर यह अध्ययन और विचार करना चाहिए कि वे अपने कार्य को कैसे बेहतर बना सकते हैं। यह एक निरंतर प्रक्रिया होनी चाहिए, जिसके माध्यम से हम नीति-निर्माताओं को सार्थक सुझाव दे सकें। बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए सभी को सहयोग और विश्वास के साथ मिलकर काम करना होगा। हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि हमारे कार्यों में कमियां हो सकती हैं और दूसरों के सुझाव अपनाकर सुधार किया जा सकता है। कई बार बिना उचित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और पर्याप्त परीक्षण के ही टेंडर जारी कर दिए जाते हैं, जिसके कारण बाद में पुल और सड़कों की विफलता होती है। गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। जो भी कार्य किया जाए, वह उच्चतम मानकों का होना चाहिए ताकि भविष्य की समस्याओं से बचा जा सके।”

अपने अध्यक्षीय संबोधन में एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल मिंडा ने कहा, “भूराजनीतिक संघर्षों के बावजूद भारत मजबूत बना हुआ है और हर दिन आर्थिक प्रगति कर रहा है। हमें विश्वास है कि निकट भविष्य में हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे। भारत का बुनियादी ढांचा परिवर्तन एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां राजमार्ग, पुल और सुरंगें आर्थिक विकास, राष्ट्रीय एकीकरण, आर्थिक मजबूती और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिसमें मल्टी-मोडल एकीकरण, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और बेहतर कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरंग निर्माण और उन्नत तकनीकें जैसे सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन रियल-टाइम मॉनिटरिंग को सक्षम बनाती हैं, सुरक्षा बढ़ाती हैं और कुशल संचालन को समर्थन देती हैं, साथ ही टिकाऊ प्रथाओं को मजबूत करते हुए भारत में सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम का निर्माण करती हैं।”

Show More

यह भी जरुर पढ़ें !

Back to top button