नई दिल्ली/हरियाणा, 15 अप्रैल 2026:हरियाणा की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब Bhakra Beas Management Boardको लेकर केंद्र सरकार के हालिया गजट(हालिया गजट) नोटिफिकेशन पर सवाल उठने लगे। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष Bhupinder Singh Hooda ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे हरियाणा के हितों के खिलाफ बताया है।
🗣️ क्या बोले हुड्डा
पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के गठन के समय बीबीएमबी के संचालन के लिए जो नियम बनाए गए थे, उनमें राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखने का ध्यान रखा गया था।
उन्होंने बताया कि पहले सिंचाई से जुड़ा सदस्य हरियाणा से, बिजली से जुड़ा सदस्य पंजाब से और अध्यक्ष किसी तीसरे राज्य से नहीं होता था। लेकिन अब नई व्यवस्था में किसी भी राज्य के व्यक्ति को किसी भी पद पर नियुक्त करने का प्रावधान कर दिया गया है।
⚠️ ‘हरियाणा के अधिकार कमजोर होंगे’
Bhupinder Singh Hooda का कहना है कि इस बदलाव से हरियाणा के जल और संसाधनों पर अधिकार कमजोर हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में पानी को लेकर विवाद और बढ़ सकते हैं।
💧 SYL मुद्दे पर भी घेरा
हुड्डा ने Sutlej Yamuna Link Canal (SYL) का मुद्दा उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हरियाणा के पक्ष में आने के बावजूद राज्य को उसका हक नहीं मिल पाया है।
👨🌾 किसानों की समस्याओं पर भी बोले
नेता प्रतिपक्ष ने किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उनका कहना है कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया को जटिल बना दिया गया है।
पोर्टल रजिस्ट्रेशन, गेट पास और बायोमेट्रिक जैसी प्रक्रियाओं के कारण किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
📉 नौकरियों को लेकर आरोप
हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि बीबीएमबी में हरियाणा के कोटे की नौकरियों को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है, लेकिन राज्य सरकार इस पर चुप है।




