
जयपुर । साल (anxiety) 2022…महीने अप्रैल से जुलाई। इन तीन महीनों में राजस्थान को भारी पानी के संकट से गुजरना पड़ा। मौसम केन्द्र से मिली रिपोर्ट देखें तो राजस्थान में 1 से 30 अगस्त तक औसतन 215MM बारिश हुई, जबकि जुलाई में 31 दिन के अंदर 266MM औसत बरसात (anxiety) हुई थी।
पाली में वाटर ट्रेन चली तो कई शहरों में पानी की सप्लाई 4 से 5 दिन में एक बार कर दी गई, लेकिन इस बार के मानसून ने अगले दो साल की चिंता खत्म कर दी है। यही कारण रहा कि इस बार चंबल, कालीसिंध, माही, बनास, जाखम नदियां उफान मारकर बहने लगीं। इन पर बने कुछ बांधों के गेट पिछले 15 दिन से खुले हैं।
जून में आया मानसून इस बार खूब मेहरबान रहा। पिछले 11 साल का रिकॉर्ड देखें तो अगस्त में चौथी बार 8 इंच तक बारिश हुई है। इस बार भी बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ा है। अगस्त में औसत से ज्यादा बरसात हुई, जिसका नतीजा ये रहा कि इस बार पूरे महीने में प्रदेश के करीब 193 बांध ओवरफ्लो हो गए।
जुलाई से तुलना करें तो अगस्त में बारिश औसतन कम हुई, लेकिन बांध जुलाई के मुकाबले दो गुना ज्यादा भरे है। जुलाई में हुई बारिश से पूरे राज्य में छोटे-बड़े अच्छी 80 बांध छलके थे, जबकि अगस्त के महीने में 193 बांध ओवरफ्लो हुए।
अगस्त में भी आखिरी 10 दिन (21 से 30 अगस्त तक) 78 बांध फुल हुए। सबसे ज्यादा बरसात साल 2016 में हुई, उस समय 31 दिन के अंदर औसतन 277.7MM बारिश हुई थी। इसके अलावा 2011, 2012 और 2019 व 2020 में भी 200MM से ज्यादा औसत बरसात अगस्त के महीने में हुई है।

