गोपेश्वर गौशाला में सुचारु रुप से से हो रही विकलांग गायों की सेवा नहीं मिल रहा सरकारी पैसा

लखनऊ। ताजा मामला प्रकाश में आया है कि लखनऊ मलिहाबाद मे गोपेश्वर गौशाला मलिहाबाद से हैं लोगों का मानना है यह स्थान लगभग 200 वर्ष प्राचीन है कहा जाता है 18 वीं शताब्दी में मलिहाबाद की धरती पर वह कुलभूषण श्री दिनेश जी के परम भक्त श्री परम भागवत ग्रहस्त थे और उन्होंने पर जन्म लिया था यदि निषाद जी की तपस्या तथा सेवा की प्रमाणित कालांतर में यह आश्रम विभिन्न प्रांतों की तपस्थली बना अनेक जग्ग ओम अधिक वैदिक सनातन धार्मिक क्रियाकलापों का केंद्र बिंदु रहा हैं यहां के योग प्रचारक मुनेंद्र भरत जी से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि यहां पर दो से तीन सौ के लगभग विकलांग गायों की सेवा होती है और यहां पर चिंता हरण हनुमान जी की मुर्तियो कि लगभग 3 वर्ष पहले स्थापना हुई थी उन्होंने यह भी बताया यहां पर सेवा तालाब भी है यहां पर अनेक प्रकार के चित्र विचित्र पक्षी भी रहते हैं राष्ट्रीय पक्षी मोर भी है और यहां पर लोगों को योग भी सिखाया जाता है और यहां पर जल्दी में गोकुल की स्थापना हुई हैं जिससे हमारे धर्म के बच्चे हमारी संस्कृत को जान सकें और हमारे धर्म को माने गौशाला मे गायों की हो रही सेवा वही पर सरकारी अधिकारी आपना फर्ज नही निभा रहे हैं गौशाला मे गाय के चारे का पैसा भी नही आता है वहां के लोग कहते हैं की कन्हैया एक बार कलयुग में आजा जिन गायों की पुजा होती थी वो आज राजनिति की भेट चढ़ रही है।
