पंजाब

चंडीगढ़ में मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट किचन में CCTV लगाने की मांग, मिलावट रोकने के लिए प्रशासक को पत्र

त्योहारी सीजन से पहले खाद्य दुकानों पर मिलावट जांच किट और रसोई की लाइव CCTV फुटेज ग्राहकों को दिखाने का प्रस्ताव

चंडीगढ़। त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए चंडीगढ़ में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई गई है। यूटी प्रशासन के एडमिन एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य अजय जग्गा ने यूटी प्रशासक और उपभोक्ता मामलों से जुड़े अधिकारियों को पत्र लिखकर मिठाई की दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट में विशेष खाद्य सुरक्षा उपाय लागू करने का आग्रह किया है।

प्रस्ताव में मिठाई और खाद्य प्रतिष्ठानों के ग्राहक काउंटर पर मिलावट की प्रारंभिक जांच के लिए किट उपलब्ध कराने तथा होटल और रेस्टोरेंट की रसोई में CCTV कैमरे लगाने की मांग की गई है।

मिठाई की दुकानों पर उपलब्ध हो मिलावट जांच किट

पत्र में सुझाव दिया गया है कि मिठाई की दुकानों और अन्य संबंधित खाद्य प्रतिष्ठानों में ग्राहक काउंटर पर खाद्य मिलावट जांच किट रखी जाए। इसकी जानकारी ग्राहकों को स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।

त्योहारी मौसम में खोया, मावा, पनीर, घी, दूध से बने उत्पाद, खाद्य तेल, मिठाइयों और नमकीन की बिक्री में बढ़ोतरी होती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर विशेष सतर्कता की आवश्यकता बताई गई है।

प्रस्तावित जांच किट के माध्यम से कुछ सामान्य प्रकार की मिलावट की प्रारंभिक पहचान में सहायता मिल सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसी किट सरकारी खाद्य सुरक्षा जांच या प्रयोगशाला परीक्षण का विकल्प नहीं होगी

यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की आशंका सामने आती है, तो संबंधित विभाग द्वारा नियमानुसार नमूने लेकर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

रेस्टोरेंट और होटल किचन में CCTV की मांग

खाद्य सुरक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, फूड कोर्ट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की रसोई में CCTV कैमरे लगाने का भी सुझाव दिया गया है।

मांग के अनुसार, किचन की लाइव फुटेज ग्राहक क्षेत्र या डाइनिंग एरिया में स्क्रीन के माध्यम से दिखाई जा सकती है। इससे ग्राहक भोजन तैयार करने की प्रक्रिया को देख सकेंगे और खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता तथा पारदर्शिता को बढ़ावा मिल सकता है।

सुझाव में भोजन बनाने, पकाने, खाद्य सामग्री के भंडारण, सफाई और कच्चे एवं पके भोजन को संभालने वाले क्षेत्रों को CCTV की निगरानी में रखने की बात कही गई है।

हालांकि, कर्मचारियों की निजता का भी ध्यान रखने का सुझाव दिया गया है। ऐसे स्थानों पर कैमरे लगाने से बचने की बात कही गई है, जिनका खाद्य सुरक्षा और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है।

शिकायत के बाद नहीं, पहले से हो रोकथाम

अजय जग्गा का कहना है कि खाद्य मिलावट के मामलों में केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से निवारक व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए।

त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। उनका मानना है कि पारदर्शी व्यवस्था से मिलावट की संभावना कम करने के साथ ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ाया जा सकता है।

दो सप्ताह के भीतर व्यवस्था लागू करने का सुझाव

पत्र के माध्यम से चंडीगढ़ प्रशासन से त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है। सुझाव दिया गया है कि इन व्यवस्थाओं को लगभग दो सप्ताह के भीतर लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएं

इसके साथ ही अन्य शहरों में अपनाए गए खाद्य सुरक्षा मॉडलों का अध्ययन कर चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने की मांग भी की गई है।

खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर

मिठाई की दुकानों पर जांच किट और रसोई में CCTV जैसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और पारदर्शिता बढ़ाना है। हालांकि, इन प्रस्तावों को लागू करने को लेकर प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाएगा, इस पर नजर रहेगी।

त्योहारी सीजन से पहले उठी यह मांग खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट पर रोक और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर एक नई बहस शुरू कर सकती है।

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