चंडीगढ़ नगर निगम को भंग करने की मांग तेज, कांग्रेस ने दलबदल विरोधी कानून और सीधे मेयर चुनाव की उठाई मांग
कांग्रेस का कहना है कि नगर निगम व्यवस्था में व्यापक सुधार के बाद ही नए चुनाव कराए जाएं; पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थिरता के लिए कई प्रस्ताव रखे गए।
चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने बड़ा सवाल उठाते हुए मौजूदा नगर निगम सदन को भंग करने की मांग की है। पार्टी ने नगर निगम अधिनियम में आवश्यक सुधार लागू करने के बाद नए चुनाव कराने की वकालत की है।
चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने प्रशासन और केंद्र सरकार से नगर निगम व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शहर के हित में एक ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
दलबदल विरोधी कानून लागू करने की मांग
कांग्रेस ने नगर निगम में दलबदल रोकने के लिए स्पष्ट कानून लागू करने की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि ऐसी व्यवस्था से निर्वाचित प्रतिनिधियों के दल बदलने और राजनीतिक अस्थिरता की आशंकाओं को कम किया जा सकता है।
इसके साथ ही मेयर के कार्यकाल को पांच वर्ष करने और मेयर का चुनाव सीधे जनता के माध्यम से कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
नगर निगम के कामकाज पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान नगर निगम के कामकाज को लेकर शहरवासियों के बीच असंतोष बढ़ा है। पार्टी ने पारदर्शिता, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और विभिन्न निर्णयों को लेकर सवाल उठाए।
हाल ही में सामने आए करीब 227 करोड़ रुपये के टेबल एजेंडा विवाद का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने कहा कि इस मुद्दे ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बहस को और तेज कर दिया है।
24 घंटे पानी सप्लाई और कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दे भी उठाए
पार्टी ने शहर की 24 घंटे पानी सप्लाई परियोजना, डड्डूमाजरा गारबेज प्लांट, कचरा प्रबंधन और मनीमाजरा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चिंता जताई।
कांग्रेस ने मांग की कि नगर निगम की बैठकों और एजेंडा प्रक्रिया के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं। पार्टी का कहना है कि जनता के धन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर पर्याप्त चर्चा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विशेषज्ञता के आधार पर हों मनोनीत पार्षद
मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति को लेकर भी कांग्रेस ने सुझाव दिया कि भविष्य में राजनीतिक आधार के बजाय संबंधित क्षेत्रों की विशेषज्ञता को प्राथमिकता दी जाए।
इंजीनियरिंग, शहरी नियोजन, चिकित्सा, प्रशासन और अन्य सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े अनुभवी लोगों को नगर निगम व्यवस्था में शामिल करने की मांग की गई है।
कांग्रेस ने सभी राजनीतिक दलों से नगर निगम सुधारों पर व्यापक सहमति बनाने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि चंडीगढ़ के विकास और बेहतर नागरिक सुविधाओं के लिए मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह नगर निगम व्यवस्था जरूरी है।

