महेंद्र भट्ट की कथित टिप्पणी पर सियासी संग्राम, कांग्रेस, बेरोजगार संघ और यूकेडी ने खोला मोर्चा; माफी और इस्तीफे की उठी मांग
दूसरी ओर, उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि यदि महेंद्र भट्ट निर्धारित समय के भीतर अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त नहीं करते हैं, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ का दावा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का सम्मान सर्वोपरि है और उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कथित अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। इधर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने भी इस मुद्दे को लेकर मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने देहरादून के द्रोण चौक पर विरोध-प्रदर्शन कर महेंद्र भट्ट का पुतला दहन किया। यूकेडी के मूल निवास-भू कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने प्रदर्शन से पहले जारी एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने छात्रों के लिए कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन की सफलता का परिणाम है और ऐसे आंदोलनकारी छात्रों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने महेंद्र भट्ट से सार्वजनिक माफी मांगने और पद छोड़ने की मांग दोहराई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो राज्यभर में उनके कार्यक्रमों का विरोध किया जाएगा।
फिलहाल भाजपा की ओर से महेंद्र भट्ट के बयान को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक तूल पकड़ सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि भाजपा इस पूरे प्रकरण पर क्या रुख अपनाती है और महेंद्र भट्ट इस विवाद पर कोई सफाई या स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं।

