गोंडा कुश्ती प्रतियोगिता में अखाड़े से ज्यादा जुबानी जंग
बृजभूषण का जवाब और हरियाणा के पहलवानों का दबदबा बना चर्चा का केंद्र
Haryana:राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट 2026 में इस बार मुकाबले सिर्फ मिट्टी के अखाड़े तक सीमित नहीं रहे। गोंडा में चल रही राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में जहां पहलवान दांव-पेच दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक माध्यमों पर बयानबाजी और शायरी ने माहौल को और गर्म कर दिया है।
10 से 12 मई तक चल रही इस प्रतियोगिता में लगभग 1400 पहलवान हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस खिलाड़ी की हो रही है जो इस बार अखाड़े में दिखाई नहीं दे रही — विनेश फोगाट ।
प्रतियोगिता से बाहर रहने के बाद विनेश फोगाट ने सामाजिक माध्यम पर एक भावुक शायरी साझा की। उनकी इस पंक्ति को खेल से ज्यादा उनके संघर्ष और मौजूदा विवादों से जोड़कर देखा गया। देखते ही देखते यह संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।मानना है कि राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती में हरियाणा आज भी देश का सबसे मजबूत गढ़ बना हुआ है। पिछले कई वर्षों में सबसे अधिक पदक भी हरियाणा के पहलवानों ने ही जीते हैं।
खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर
यह प्रतियोगिता भारतीय कुश्ती में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि यहीं से राष्ट्रीय शिविर और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का चयन तय होता है। यही कारण है कि युवा पहलवानों से लेकर अनुभवी खिलाड़ी तक यहां अपनी ताकत दिखाने पहुंचे हैं।
Deepak Punia जैसे बड़े पहलवान भी अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अखाड़े में उतरे हैं। युवा खिलाड़ियों के साथ उनके मुकाबले को लेकर दर्शकों में खास उत्साह देखा जा रहा है।
नशीले पदार्थों की चुनौती पर चिंता
प्रतियोगिता के दौरान भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष Sanjay Singh ने माना कि भारतीय कुश्ती में प्रतिबंधित दवाओं का खतरा अभी भी गंभीर चुनौती बना हुआ है। प्रतियोगिता स्थल के आसपास इस्तेमाल की गई सिरिंज मिलने की खबरों ने महासंघ की चिंता बढ़ा दी है।



