पारिवारिक जटिलताओं का सजीव चित्रण करता कहानी संग्रह ‘अतीत का वर्तमान’
हरीश कुमार की कहानियों में रोज़मर्रा के जीवन की संवेदनाएं, लेकिन कुछ रचनाएं प्रभावहीन भी
साहित्य:अतीत का वर्तमान हिंदी लेखक हरीश कुमार ‘अमित’ का नवीनतम कहानी संग्रह है, जिसमें पारिवारिक जीवन की जटिलताओं और सामान्य मानवीय अनुभवों को केंद्र में रखा गया है। संग्रह की कहानियां रोज़मर्रा की ज़िंदगी की छोटी-छोटी घटनाओं और भावनाओं को उभारती हैं, जहां साधारण परिस्थितियों में भी गहरी संवेदनाएं दिखाई देती हैं।
‘ज़िंदगी की ज़मीन’ कहानी में पारिवारिक जिम्मेदारियों और बीमारी के बीच की सूक्ष्म स्थितियों को बारीकी से उकेरा गया है। वहीं ‘कड़वे सच’ में ऑटो चालकों के व्यवहार के माध्यम से आम आदमी की मजबूरी और समझौते को दिखाया गया है। ‘केक’ कहानी एक परिवार के छोटे-छोटे सपनों और उनकी सीमाओं को दर्शाती है, जहां साधारण इच्छाएं भी बड़ी लगने लगती हैं।
हालांकि, कुछ कहानियां जैसे ‘प्रेम कहानी’ और ‘झींगुर’ अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में कमजोर नजर आती हैं। वहीं ‘भिखारी’ कहानी में आर्थिक विडंबना को उभारा गया है, जहां संसाधन होते हुए भी जरूरत के समय असहायता महसूस होती है।
संग्रह की शीर्षक कहानी ‘अतीत का वर्तमान’ विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करती है, जिसमें सेवानिवृत्ति के बाद व्यक्ति के बदलते सामाजिक स्थान और पहचान के संकट को दिखाया गया है। इसी तरह ‘अंगारे’ और ‘अस्तित्व’ जैसी कहानियां पारिवारिक विघटन और भावनात्मक आघात को सामने लाती हैं।
कुल मिलाकर, यह कहानी संग्रह पारिवारिक संबंधों की उलझनों और संवेदनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। हालांकि, कथाकार की दृष्टि अधिकतर परिवार तक सीमित रहने के कारण विषय-विस्तार थोड़ा सीमित महसूस होता है।
पुस्तक विवरण:
- पुस्तक: अतीत का वर्तमान
- लेखक: हरीश कुमार ‘अमित’
- प्रकाशक: वनिका पब्लिकेशंस, नई दिल्ली
- पृष्ठ: 123
- मूल्य: ₹300





