प्रीतम लाल शर्मा की कविताओं में झलकते रिश्ते और समाज
62 कविताओं के जरिए निजी अनुभवों और सामाजिक सच्चाइयों को संवेदनशील अभिव्यक्ति
पुस्तक समीक्षा:कवि प्रीतम लाल शर्मा का काव्य संग्रह जीवनशैली पाठकों के सामने जीवन के विविध रंगों को सरल और भावनात्मक भाषा में प्रस्तुत करता है। इस संग्रह में कुल 62 कविताएं शामिल हैं, जिनमें व्यक्तिगत अनुभवों से लेकर सामाजिक सरोकारों तक की गहरी झलक मिलती है।
दिलचस्प बात यह है कि प्रीतम लाल शर्मा मूल रूप से कवि नहीं थे, लेकिन जीवन की परिस्थितियों, पारिवारिक घटनाओं और समाज में घट रही घटनाओं ने उन्हें लेखन की ओर प्रेरित किया। उनके अनुसार, भावनात्मक झटकों और अनुभवों ने ही उन्हें कलम उठाने के लिए मजबूर किया।
कवि ने अपनी इस पुस्तक को अपनी दिवंगत बड़ी बहन को समर्पित किया है, जिनका उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा। उनकी बहन के प्रति सम्मान और प्रेम उनकी कविताओं में स्पष्ट रूप से झलकता है।
इस काव्य संग्रह की खासियत इसकी विविधता है। कविताओं में जहां एक ओर पारिवारिक रिश्तों—जैसे बहन, बेटी, पिता और मित्रों—की संवेदनशील अभिव्यक्ति है, वहीं दूसरी ओर समाज की विसंगतियों और बदलती सोच पर भी गहरी टिप्पणी की गई है।
‘बीता कल और आज’ जैसी कविताओं में कवि आधुनिक जीवन की विडंबनाओं को उजागर करते हैं, जहां साधनों की अधिकता के बावजूद सच्चे सुख की कमी दिखाई देती है। वहीं ‘दिशा’ कविता में जीवन के उद्देश्य और सही मार्ग की तलाश जैसे गहरे प्रश्न उठाए गए हैं।
इस संग्रह की भाषा सरल, भावपूर्ण और सहज है, जो पाठकों को सीधे जोड़ती है। कोमल भावनाओं और सामाजिक चिंतन का यह संतुलन इस कृति को खास बनाता है।
जीवनशैली न केवल एक काव्य संग्रह है, बल्कि यह जीवन, रिश्तों और समाज को समझने का एक संवेदनशील प्रयास भी है। यह पुस्तक पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है और उन्हें अपने अनुभवों से जोड़ती है।
📚 पुस्तक विवरण:
- पुस्तक: जीवनशैली (काव्य संग्रह)
- कवि: डॉ. प्रीतम लाल शर्मा
- प्रकाशक: साहित्य कलश पब्लिकेशन, पटियाला
- पृष्ठ: 136
- मूल्य: ₹250

