हरियाणा
हरियाणा में बिल्डिंग परमिशन नियमों में बड़ा बदलाव, अब सेल्फ-सर्टिफिकेशन से मिलेगी मंजूरी
ऑनलाइन सिस्टम से तेज और पारदर्शी होगी प्रक्रिया; गलत जानकारी देने पर तुरंत रद्द होगी अनुमति
Haryana:हरियाणा सरकार ने शहरी विकास और निर्माण प्रक्रियाओं को सरल व तेज बनाने के लिए बिल्डिंग परमिशन सिस्टम में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। चंडीगढ़ से जारी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के तहत टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने 1965 के नियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिसमें सेल्फ-सर्टिफिकेशन (स्व-प्रमाणीकरण) आधारित नई व्यवस्था लागू करने की योजना है।
नए प्रावधानों के अनुसार, यदि आवेदक निर्धारित शर्तों को पूरा करते हुए अपने दस्तावेज और जानकारी स्वयं प्रमाणित करता है, तो उसे ऑनलाइन माध्यम से ही अनुमति मिल जाएगी। इससे लंबे समय तक फाइलों के लंबित रहने की समस्या कम होगी और लोगों को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी।
हालांकि, सरकार ने इस प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम भी जोड़े हैं। यदि कोई आवेदक गलत जानकारी देता है या तथ्यों को छुपाता है, तो उसकी अनुमति तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य पारदर्शिता के साथ-साथ सिस्टम में विश्वास बनाए रखना है।
नियमों में ‘कनफॉर्मिंग यूज’ और ‘कनफॉर्मिंग जोन’ जैसी नई परिभाषाएं भी शामिल की गई हैं। इसके तहत किसी भूमि या भवन का उपयोग उसी प्रकार होना जरूरी होगा, जैसा विकास योजना में निर्धारित किया गया है। इससे अनियमित निर्माण और गलत भूमि उपयोग पर नियंत्रण आसान होगा।
इसके अलावा, सेल्फ-सर्टिफिकेशन के अंतर्गत आने वाले मामलों में कुछ पुराने नियम लागू नहीं होंगे, जिससे प्रक्रिया और सरल हो जाएगी। इससे कागजी कार्यवाही कम होगी और आवेदकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सरकार ने इस ड्राफ्ट पर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी हैं, जिन्हें 30 दिनों के भीतर जमा किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई व्यवस्था ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देगी, लेकिन इसकी सफलता पूरी तरह पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी पर निर्भर करेगी।