हरियाणा
नरवाना नगर परिषद ने 46.06 करोड़ का बजट पास किया, शहर विकास को मिलेगी रफ्तार
मंत्री कृष्ण बेदी की अध्यक्षता में हाउस बैठक, सड़कों, ई-लाइब्रेरी और सफाई परियोजनाओं को मंजूरी
Haryana:हरियाणा के नरवाना शहर में विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर परिषद की हाउस बैठक में 46 करोड़ 6 लाख रुपये का वार्षिक बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह बैठक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री Krishan Bedi की अध्यक्षता में लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित हुई।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, नगर परिषद के अधिकारी और सभी पार्षद मौजूद रहे। इस दौरान शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सुविधाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
बैठक में नरवाना के मुख्य रेलवे रोड को उच्च गुणवत्ता के साथ विकसित करने का निर्णय लिया गया। भगत सिंह चौक से रेलवे स्टेशन तक बनने वाली सड़क के टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसका निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा।
इसके अलावा विश्वकर्मा चौक से भगत सिंह चौक तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी पास किया गया। रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार को भी आधुनिक और आकर्षक बनाने की योजना है।
ई-लाइब्रेरी और अन्य योजनाएं
शहर के केएम कॉलेज में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ई-लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है, जिस पर लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए ढाकल रोड के पास जमीन चिन्हित की गई है।
नगर परिषद कार्यालय के नए भवन के निर्माण तक उसे अस्थायी रूप से सामुदायिक केंद्र में स्थानांतरित करने पर भी सहमति बनी है।
सफाई और पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी
शहर को स्वच्छ और कूड़ा-मुक्त बनाने के लिए कचरा प्रबंधन के लिए जमीन किराए पर लेने का निर्णय लिया गया है। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पांच पानी के टैंकर खरीदने का प्रस्ताव भी पास किया गया, ताकि नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
अन्य विकास कार्यों को भी मंजूरी
शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए स्वागत द्वारों का निर्माण, अग्रसेन धर्मशाला का निर्माण और बंदरों के प्रकोप से निपटने के लिए विशेष अभियान चलाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही, सभी वार्डों में लगभग 31-31 लाख रुपये के विकास कार्य करवाने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का लक्ष्य नरवाना को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।