हरियाणा में इंडस्ट्रियल बूस्ट: लाइसेंसिंग पॉलिसी में बदलाव से उद्योग लगाना हुआ आसान
शहरी और ट्रांसपोर्ट जोन में 25% तक इंडस्ट्रियल कॉलोनी की मंजूरी, निवेशकों को EDC में राहत
Haryana:हरियाणा सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ‘इंडस्ट्रियल लाइसेंसिंग पॉलिसी-2015’ में बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के फैसले के बाद टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।
इस संशोधन का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को आसान बनाना और राज्य को उद्योगों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
शहरी और ट्रांसपोर्ट जोन में विस्तार
नई नीति के तहत अब डेवलपमेंट प्लान में निर्धारित इंडस्ट्रियल जोन के अलावा ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में भी औद्योगिक कॉलोनी स्थापित की जा सकेगी। हालांकि, यह अनुमति कुल क्षेत्र के अधिकतम 25 प्रतिशत तक सीमित रहेगी।
इस बदलाव से उन उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा जो बेहतर लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी की तलाश में रहते हैं। इससे शहरी क्षेत्रों के आसपास औद्योगिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है।
एग्रीकल्चर जोन के लिए नए नियम
सरकार ने कृषि क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के नियमों को भी स्पष्ट और पारदर्शी बनाया है। यदि कोई उद्योग शहरी सीमा से 500 मीटर बाहर एग्रीकल्चर जोन में स्थापित किया जाता है, तो वहां सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था का पूरा खर्च निवेशक या डेवलपर को उठाना होगा।
इसका उद्देश्य सरकारी खर्च को कम करते हुए निजी भागीदारी के जरिए औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
EDC में निवेशकों को राहत
एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (EDC) को लेकर भी सरकार ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। नई व्यवस्था के अनुसार, यदि एग्रीकल्चर जोन में स्थापित कोई औद्योगिक क्षेत्र बाद में शहरी दायरे में शामिल हो जाता है, तो उसके पहले से निर्मित हिस्से पर EDC नहीं लिया जाएगा। हालांकि, खाली या अधूरे हिस्से पर वर्तमान नियम लागू रहेंगे।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इन सुधारों से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और उद्योगों को स्थापित करने में आने वाली बाधाएं कम होंगी। इससे हरियाणा को एक मजबूत इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी, साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।



